ब्लॉगसेतु

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फागुन में कुहरा छाया है।सूरज कितना घबराया है।।अलसाये पक्षी लगते हैं।राह उजाले की तकते हैं।।सूरज जब धरती पर आये।तब हम दाना चुगने जायें।।भुवन भास्कर हरो कुहासा।समझो खग के मन की भाषा।।बिल्ली सुस्ताने को आई।लेकिन यहाँ धूप नही पाई।।नीचे जाने की अब ठानी।ठण्डक से है जान ब...
sanjiv verma salil
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बाल नवगीत:संजीव*सूरज बबुआ!चल स्कूल.धरती माँ की मीठी लोरीसुनकर मस्ती खूब करीबहिन उषा को गिरा दियातो पिता गगन से डाँट पड़ीधूप बुआ ने लपक चुपायापछुआ लाईबस्ता-फूलसूरज बबुआ!चल स्कूल.जय गणेश कह पाटी पूजनपकड़ कलम लिख ओमपैर पटक रो मत, मुस्काकरदेख रहे भू-व्योमकन्नागोटी, पिट्ट...
 पोस्ट लेवल : नवगीत सूरज बालगीत
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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सूरज दुबका मुझसेडर कर!बादलों से निकला यूं छिप छिपकर!देख मुझे है मुस्कराता,फिर न जाने क्यों छिप जाता?ये मेरी समझ में ना आता!!कि ठंड हैक्या आज कुछ ज्यादा?लगता है! आज बीमार है सूरज दादा।कि बादलों को बना अपना कंबलसो गए हैं, सूरज दादा।।या फिर ग्लोबल वार्मिंग का असर हो ग...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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हर शाम ये सूरज ढलता हैजाते हुए लम्हों से नजाने आखिर तू क्यों लड़ता हैसाथ तेरे पास तेरेकुछ नहीं रह जायेगासूरज की तरह एक दिन तू भी ढल जाएगा रात में,आकाश मेंब्रह्माण्ड मेंकही तू भी छिप जायेगापरंतु उस हालात में फिर भी तू मुस्कुराएगा!!तुम्हें मु...
sanjiv verma salil
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लघुकथा : सूरज दुबारा डूब गया*'आज सूरज दुबारा डूब गया', बरबस ही बेटे के मुँह से निकला। 'पापा गलत कह रहे हो,' तुरंत पोती ने कहा। 'नहीं मैं ठीक कहा रहा हूँ। ''ठीक नहीं कह रहे हो।' पोती बहस करने पर उतारू दिखी तो बाप-बेटी की बहस में बेटी को डाँट न पड़ जाए यह सोच बहू बोल...
 पोस्ट लेवल : laghu katha suraj लघुकथा सूरज
विजय राजबली माथुर
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संजीव तिवारी
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सूरजपुर,  कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देशन में प्रभारी सहायक आयुक्त श्री पुष्पेन्द्र शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वन अधिकार पत्र के 5339 से अधिक प्रकरणों पर सुनवाई की जा चुकी है।        वन अधिकार पत्र के प्राप्त...
 पोस्ट लेवल : सूरजपुर
sanjiv verma salil
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नवगीत:संजीव *चलो मिल सूरज उगायें *सघनतम तिमिर हो जबउज्ज्वलतम कल हो तबजब निराश अंतर्मन-नव आशा फल हो तबविघ्न-बाधा मिल भगायेंचलो मिल सूरज उगायें*पत्थर का वक्ष फोड़भूतल को दें झिंझोड़अमिय धार प्रवहित होकालकूट जाल तोड़मरकर भी जी जाएँचलो मिल सूरज उगायें*अपनापन अपन...
 पोस्ट लेवल : नवगीत suraj सूरज navgeet
sanjiv verma salil
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नवगीत:संजीव.उगना नितहँस सूरजधरती पर रखना पगजलना नित, बुझना मततजना मत, अपना मगछिपना मत, छलना मतचलना नितउठ सूरजलिखना मत खत सूरजदिखना मत बुत सूरजहरना सब तम सूरजकरना कम गम सूरजमलना मतकर सूरजकलियों पर तुहिना समकुसुमों पर गहना बनसजना तुम सजना समफिरना तुम भँवरा बनखिलना फि...
 पोस्ट लेवल : navgeet ugna nit hns suraj नवगीत सूरज
sanjiv verma salil
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नवगीत: संजीव . आओ भी सूरज!छट गये हैं फूट के बादलपतंगें एकता की मिल उड़ाओगाओ भी सूरज!.करधन दिप-दिप दमक रही हैपायल छन-छन छनक रही हैनच रहे हैं झूमकर मादलबुराई हर अलावों में जलाओआओ भी सूरज!.खिचड़ी तिल-गुड़वाले लडुआपिज्जा तजकर खाओ बबुआछोड़ बोतल उठा लो छागलपड़ो...
 पोस्ट लेवल : नवगीत navgeet aao bhi suraj सूरज