ब्लॉगसेतु

मुकेश कुमार
208
हो बेहद खूबसूरतइतना ही तो कहा थाकि बोल उठीलजाती भोर सीहल्की गुलाबी स्नेहिल प्रकाश के साथरंग बिखेरती हुई- ब्यूटी लाइज इन द आइज ऑफ द बीहोल्डरतत्क्षणआंखों की पुतलियों संगछमकते प्रदीप्त काली चकमक संगमरमर सीकोर्निया और रेटिना के मध्यलहरा उठा सारा संसारकहाँ तक निहारूं ?ह...
अनीता सैनी
7
टाँग देती हैं, समय में सिमटी साँसें, ज़िंदगी की अलगनी पर,  कुछ बिन गूँथे ख़्वाब ख़्वाहिशों में सिमटे,   तोड़ देती हैं वे दम, कुछ झुलस जाते हैं वक़्त की धूप से, कुछ रौंद देते हैं हम अपने ही क़दमों से, कुछ पनप जाती हैं रोहि...
PRAVEEN GUPTA
86
साभार : दैनिक भास्कर 
PRAVEEN GUPTA
86
साभार: दैनिक भास्कर 
PRAVEEN GUPTA
86
साभार: दैनिक भास्कर 
PRAVEEN GUPTA
86
साभार: दैनिक भास्कर 
kuldeep thakur
93
आज एक चित्र देखा मासूम फटेहाल भाई-बहन किसी आसन्न आशंका से डरे हुए हैं और बहन अपने भाई की गोद में उसके चीथड़े हुए वसन थामे अपना चेहरा छुपाये हुए है -अभावों के होते हैं ख़ूबसूरत  स्वभाव, देखती हैं नज़रें भाई-बहन के लगाव।&nbsp...
Bhavna  Pathak
82
हसो  हंसी में क्या लगता हैहसने पर मुखड़ा खिलता हैरोनी सूरत रहें बनाएऐसों से तो राम बचाएआंखमिचौनी खेला करतेनभ में तारे हसते हसतेहंसी फूल की सबको भाएजो भी देखे खुश हो जाएबचपन हंसे बुढ़ापा रोएज्वान रहें मस्ती में खोए-------------  शिवशंकर
मुकेश कुमार
208
उम्र की एक निश्चित दहलीजपार कर चुकी खुबसूरत महिलायें!!उनके चेहरे पर खिंची हलकी रेखाएंऐसे जैसे ठन्डे आस्ट्रेलिया के'डाउंस' घास के मैदान मेंकुछ पथिक चलते रहेऔर, बन गयी पगडंडियाँढेरों, इधर उधरपथिकों की सुविधानुसार !!चलते चलते थकी भी, रुकी भीअपने पैरों पर चक्करघिन्नी क...
जन्मेजय तिवारी
452
              उत्तम प्रदेश और उसके पड़ोसी राज्य पाटलीपुत्र में जश्न का सिलसिला जारी है । होना भी चाहिए । लोग दूसरे राज्यों को टेलीस्कोप लेकर दौड़ लगाते हैं रोजगार की तलाश में । ऐसा नहीं है कि इनके अपने राज्यों में रोजगार की व...