हिंदी में आलोचना की स्थिति को लेकर बहुधा सवाल खड़े होते रहे हैं। रचनाकारों से लेकर छोटे-मोटे आलोचना पुरस्कार से नवाजे गए चंद प्राध्यापकनुमा आलोचक भी इस विधा को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। इन छोटे मोटे आलोचकों को फेसबुक ने एक ऐसा मंच दे दिया जहां वो तीन चार लाइन की...