ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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अगर आपका साहित्य और पत्रकारिता में ज़रा-सी भी रुचि या लगाव रहा है तो यह कोई दूर की बात नहीं कि आपको भी किन्हीं ऐसे लोगों के उदाहरण याद आ जाएं जो किन्हीं नास्तिक और प्रगतिशील विचारधाराओं से जुड़े रहे और बाद में प्रचलित अर्थों में सफ़ल भी हो गए। किसीकी संपादकी अच्छी चल...
Sanjay  Grover
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एक बार मैंने फ़्लैट बेचने के लिए अख़बार में विज्ञापन दे दिया, बाद में उसे 4-5 बार रिपीट भी करवा दिया। एक सज्जन (लिखते समय थोड़ा शिल्प-शैली का ध्यान रखना पड़ता है वरना ‘श्रेष्ठजन’ उखड़ जाते हैं:-) जो प्रॉपर्टी का काम करते थे, मेरे पास चले आए कि हमारे होते अख़बार में विज...