ब्लॉगसेतु

ANITA LAGURI (ANU)
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नंदू नंदू दरवाजे की ओट से,निस्तब्ध मां को देख &#2...
ANITA LAGURI (ANU)
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कभी चाहा नहीं कि  अमरबेल-सी तुमसे लिपट जाऊँ ..!!कभी चाहा नहीं कीमेरी शिकायतेंरोकेंगी तुम्हें...!चाहे तुम मुझे न पढ़ने की बरसों की पीड़ा का त्याग  करो न  करो।        हाँ !ख़ामोशी  से जलनाआता है मुझ...