ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
6
पारंपरिक लघु कथा : दृष्टांत कथा गुरु क्यों?*स्वामी रामकृष्ण परमहंस की खेती सुनकर तरुण नरेन्द्र ने एक दिन उनसे कहा, " स्वामीजी! मैं रामायण जानता हूँ , भगवद्गीता जानता हूँ, सारे वेद पढ़े हैं और हर विषय पर अच्छा व्याख्यान दे लेता हूँ, फिर मुझे...
Bharat Tiwari
23
वरिष्ठ साहित्यकार मृदुला गर्ग डिप्रेशन पर अपनी कहानी (Hindi Story on Depression) के बारे में बताते हुए कहती हैं,भारत में सच्चे मनोचिकित्सक नहीं के बराबर हैं। उनका सिर्फ दवा पर निर्भर रहना और मरीज को न समझ पाना अवसाद बढ़ाता है, कम नहीं करता। (adsbygoogle = windo...
अनंत विजय
56
कोरोना के संकट के दौरान पुस्तकें पढ़कर समय बिताना एक बेहतर विकल्प है। बाजार आदि भले ही खुल गए हैं लेकिन बहुत आवश्यक होने पर ही वहां जाना होता है। लोगों से मिलने-जुलने वाली संस्कृति पर भी फिलहाल विराम लगा हुआ है। पिछले करीब अस्सी दिन में कई किताबें पढ़ने का सुयोग बन...
अनंत विजय
56
हिंदी के प्रतिभाशाली लेखक, कहानीकार और संपादक प्रेम भारद्वाज ने बहुत ही कम उम्र में दुनिया छोड़ दी। हिंदी साहित्य में जब राजेन्द्र यादव के संपादन में साहित्यिक पत्रिका ‘हंस’ अपनी कहानियों और पत्रिका में उठाए गए विवादों की वजह से चर्चा बटोर रहा था तब प्रेम भारद्वाज...
अनंत विजय
56
मशहूर लेखक धर्मवीर भारती के एक कहानी संग्रह का नाम है ‘बंद गली का आखिरी मकान’। भारती के इस कहानी संग्रह की काफी चर्चा हुई। एक जमाने में उस पुस्तक जितनी ही चर्चा हुई थी दिल्ली के दरियागंज इलाके के एक बंद गली के आखिरी मकान की। ये मकान था साहित्यिक पत्रिका हंस का कार्...
Bharat Tiwari
23
धामा अपने गुस्से को छिपाकर अचानक संयत हो गया. उसने कपट की अधिकता से हल्की हो गई आवाज में कहा, "देख रहे हैं सर...आप भी देखते जाइए. याद करिएगा...राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान 2019 : अनिल यादव की कहानी "गौसेवक " इस कहानी को २०१९ का हंस कथा सम्मान दिए जाते समय जो ब...
अनंत विजय
56
हिंदी के मशहूर कथाकार और साहित्यिक पत्रिका ‘हंस’ के संपादक राजेन्द्र यादव हमेशा कहा करते थे कि विश्वविद्यालयों के हिंदी विभाग प्रतिभाओं की कब्रगाह हैं।  उनकी इस भावना का हिंदी के कई साहित्यकार समर्थन भी करते रहे हैं। यादव जी कहा करते थे कि विश्वविद्यालय और कॉल...
Bharat Tiwari
23
प्रत्यक्षा का लेखन पढ़ते मैं हमेशा हतप्रभ होता हूँ. अव्वल तो इन्सान को ऐसे विचार, जो प्रत्यक्षा की कहानियों में नज़र आते हैं, आने की दैविक स्वाभाविक क्षमता प्राप्त होनी चाहिए और उसके बाद इन विचारों को तक़रीबन मूल रूप में -- अपने दिमाग की खलबली को जैसा लिखित रूप प्रत्य...
Bharat Tiwari
23
फिर उसी अनजान नंबर से संदेश है- 'आपको मेरा नाम कैसे मालूम? आप कवि हैं या ज्योतिषी? कैसे पता चला कि मेरा नाम .... प्रियदर्शन की कथाशैली हमेशा से अच्छी रही है, रोचकता बनाये रखना वह भलीभाँति जानते हैं. किसी सच को गल्प में ऐसा कस के बुन देना कि वह सच लगते हुए भी ग...
दीपक कुमार  भानरे
269
खिचे# चले आते हैं तेरीओर# ,जरूर तुझमे ऐसी हंसी# अदा# है!मिल ही जाते हो यूँ ही जब तब,क्या तेरा मेरा कोई वास्ता है ।बढ़ने लगी है गुफ्तगू रोज,फिर भी कहने को और बचा है ।खिचे चले आते हैं तेरी ओर ,जरूर तुझमे ऐसी हंसी  अदा है ।एक सुकून देता है तेरा साथ,लगता है तू कोई...
 पोस्ट लेवल : हंसी अदा