ब्लॉगसेतु

गौतम  राजरिशी
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हावड़ा से आने वाली राजधानी एक्सप्रेस ग़ज़ब ही विलंब से चल रही थी | इस बार की आयी बाढ़ कहीं रस्ते में रेल की पटरियों को भी आशिंक रूप से डुबो रही थी तो इस रस्ते की कई ट्रेनें धीमी रफ़्तार में अपने गंतव्य तक पहुँचने में अतिरिक्त समय ले रही थीं | गया स्टेशन पर प्रतीक्षारत य...
गौतम  राजरिशी
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हमारी नयी किताब आयी है | कहानियों की पहली किताब | हिन्दी-साहित्य में सेना और सैनिक हमेशा से एक अछूता विषय रहा है | गिनी-चुनी कहानियाँ हैं सैन्य-जीवन पर...गिने-चुने उपन्यास हैं | एक अदनी सी कोशिश है उसी कमी को थोड़ा कम करने की | कुछ कहानियाँ आपलोग इस ब्लौग पर पहले ही...