ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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सॉनेटसदा सुहागिन•खिलती-हँसती सदा सुहागिन।प्रिय-बाहों में रहे चहकती।वर्षा-गर्मी हँसकर सहती।।करे मकां-घर सदा सुहागिन।।गमला; क्यारी या वन-उपवन।जड़ें जमा ले, नहीं भटकती।बाधाओं से नहीं अटकती।।कहीं न होती किंचित उन्मन।।दूर व्याधियाँ अगिन भगाती।अपनों को संबल दे-पाती।जीवट क...
sanjiv verma salil
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कृति चर्चा :'गाँधी के आँसू' : सामायिक विसंगतियों की तहकीकात आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'[कृति विवरण : गाँधी के आँसू, लघुकथा संग्रह, कनल डॉ. गिरिजेश सक्सेना, प्रथम संस्करण २०२१, आकार डिमाई, आवरण बहुरंगी पेपरबैक, पृष्ठ १६४, /मूल्य २००/-, आईसेक्ट प्रकाशन भोपाल। ]*सा...
जेन्नी  शबनम
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प्यारी नदियाँ ******* 1. नद से मिली   भोरे-भोरे किरणें   छटा निराली।   2. गंगा पवित्र   नहीं होती अपवित्र   भले हो मैली।   3. नदी की सीख -   हर क्षण बहना   नहीं...
जेन्नी  शबनम
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हाइकु-विचार ******* हाइकु एक ऐसी सूक्ष्म और भावपूर्ण कविता है, जिसका प्रभाव त्वरित पड़ता है। क्षणिक सोच और सोच का विस्तार इतना शीघ्र और गहन होता है कि शब्द के साथ ही उस रचना में निहित भाव चित्रित होकर सामने आने लगते हैं। जैसे हौले से छोटी-छोटी पंक्त...
 पोस्ट लेवल : लघु-लेख हाइकु-विचार
जेन्नी  शबनम
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पखेरू (8 हाइकु) ******* 1. नील गगन   पुकारता रहता -   पाखी, तू आ जा!   2. उड़ती फिरूँ   हवाओं संग झूमूँ   बन पखेरू।   3. कतरे पंख   पर नहीं हारूँगी,   फिर...
जेन्नी  शबनम
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स्मृति में तुम (11 हाइकु)*******1. स्मृति में तुम   जैसे फैला आकाश   सुवासित मैं।   2. क्षणिक प्रेम   देता बड़ा आघात   रोता है मन।   3. अधूरी चाह   भटकता है मन   नहीं...
 पोस्ट लेवल : व्यथा हाइकु प्रेम
जेन्नी  शबनम
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पर्यावरण (20 हाइकु) ******* 1. द्रौपदी-धरा   दुशासन मानव   चीर हरण।   2. पाँचाली-सी भू   कन्हैया भेजो वस्त्र   धरा निर्वस्त्र।   3. पेड़ ढकती   ख़ामोश-सी पत्तियाँ  &...
जेन्नी  शबनम
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भोर की वेला ******* 1. माँ-सी जगाएँ   सुनहरी किरणें   भोर की वेला।   2. पाखी की टोली   भोरे-भोरे निकली   कर्म निभाने।   3. किरणें बोलीं -   जाओ, काम पे जाओ  &nb...
 पोस्ट लेवल : हाइकु भोर
Basudeo Agarwal
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हाय अनाथआवास फुटपाथजाड़े की रात।**दीन लाचारशर्दी गर्मी की मारझेले अपार।**हाय गरीबजमाना ही रकीबखोटा नसीब।**तेरी गरीबीबड़ी बदनसीबीसदा करीबी।**लाचार दीनदुर्बल तन-मनकैसा जीवन?**दैन्य का जोरतपती लू सा घोरकहीं ना ठौर।**दीन की खुशीनित्य की एकादशीओढ़ी खामोशी।**सुविधा हीनदुख प...
जेन्नी  शबनम
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7 जनवरी 2021 को मेरी दूसरी पुस्तक 'प्रवासी मन' (हाइकु-संग्रह) प्रकाशित हुई है। मेरी पहली पुस्तक ‘लम्हों का सफ़र‘ (कविता-संग्रह) का लोकार्पण 7 जनवरी 2020 में पुस्तक मेला में हुआ था। सुखद यह है कि आज के दिन मेरी बेटी का जन्मदिन है और इसी दिन मेरी दोनों पुस्तकें एक...