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sanjiv verma salil
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हाइकु गीत:आँख का पानीसंजीव 'सलिल'*रोक न पायेजनक जैसे ज्ञानीआँसू अपने.मिट्टी में मिलारावण जैसा ध्यानीटूटे सपने.आँख से पानीन बहे, पर रहेआँख का पानी...*पल में मरेहजारों बेनुगाहगैस में घिरे.गुनहगारहैं नेता-अधिकारीझूठे-मक्कार.आँख में पानीदेखकर रो पड़ाआँख का पानी...*२६-६...
 पोस्ट लेवल : हाइकु गीत आँख का पानी
sanjiv verma salil
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कुछ हाइकुसंजीव 'सलिल'*रात की बातकिसी को मिली जीतकिसी को मात..*फूल सा प्याराधरती पर ताराराजदुलारा..*करेँ वंदनलगाकर चन्दनहँसे नंदन..*आता है याददूर जाते ही देशयादें अशेष..*कुसुम-गंधफैलती सब ओर.देती आनंद..*देना या पानाप्रभु की मर्जीपा मुस्कुराना..*आंधी-तूफ़ानदेता है झकझ...
 पोस्ट लेवल : हाइकु
Basudeo Agarwal
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उलझी डोरयदि हाथ न छोर-व्यर्थ है जोर।**लय से युक्तारस भाव सज्जिता-वाणी कविता।**लुटा दे जानसबका रख मान-वो ही महान**समय खोटारिश्ते नातों का टोटा-पैसा ही मोटा**शहरीपनगायब उपवन-ऊँचे भवन।**दीपक कायासारी माटी की माया-आलोक छाया।**हिन्दी की दुर्वाअंग्रेजी जूते तले-कुचली जाय...
sanjiv verma salil
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हाइकु चर्चा : १. संजीव *हाइकु क्या है? हाइकु सामान्यतः ३ पंक्तियों की वह लघु काव्य रचना है जिसमें सामान्यतः क्रमश: ५-७-५ ध्वनियों का प्रयोग कर एक अनुभूति या छवि की अभिव्यक्ति की जाती है। हिंदी को त्रिपदिक छंदों की विरासत अपभृंश और संस्कृत से मिल...
 पोस्ट लेवल : हाइकु चर्चा : १
Meena Bhardwaj
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भोर लालिमा~कलरव की गूंजपेड़ों से आई ।गिलोय लता~वैद्य की दुकान में खरल गूंज ।जीर्ण पुस्तक~अंगुलियों के बीचपुराना ख़त ।शरद चन्द्र~कूलबंद तोड़तीसिंधु लहरें ।जेष्ठ मध्याह्न~मलाई वाला बर्फगली में टेर ।***
 पोस्ट लेवल : हाइकु
जेन्नी  शबनम
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सीता की पीर ******* 1. राह अगोरे  शबरी-सा ये मन,  कब आओगे?  2. अहल्या बनी  कोई राम न आया  पाषाण रही।  3. चीर-हरण,  द्रौपदी का वो कृष्ण  आता न अब।  4.&...
 पोस्ट लेवल : हाइकु स्त्री
Ravindra Prabhat
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(एक)आंख क पानीराजनीति म जातमरि जात है।(दो)का कहै यारओरहन सुनकेदुखै कपार।(तीन)फुटै करमदेस मा बोवै धानरोबैं किसान।(चार)ए सरकारकैसे कौर घोटाईमंहगाई म।(पांच)चतुरी चच्चाखेते- खेते कमाएअंबानी खाए।(छ:)सभै बीस हैंकेहू ना ओनइसनिपोरै खीस।(सात)खुबै लुटाएजे आवै लूटै खाएलोकतंत्...
Roshan Jaswal
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(1)                         बड़े सपनेछोटे छोटे अपनेबड़े बेगाने(2)माता ताकतीएकटक देखतीआएगी पाती(3)विरोध करेजीवन अवरुद्धवायु अशुद्ध(4)प्रेम अतुलअपरिभाषित हैस्वच्छंद प्रेम(5)समझे कौनअंतर्वेदना मेरीहैं सब म...
 पोस्ट लेवल : हाइकु काव्य
Roshan Jaswal
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भारत ऋतुओं का देश है, जहां प्रकृति का वैविध्यपूर्ण सौंदर्य बिखरा पड़ा है। यही कारण है, कि फूलों का देश जापान को छोड़कर आने की दु: खद स्मृति हाइकु काव्य को कभी अक्रांत नहीं कर पाई। वह इस देश को भी  अपने घर की मानिंद महसूस करती रही। यही कारण है कि हिन्दी साहित्य...
Ravindra Prabhat
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भारत ऋतुओं का देश है, जहां प्रकृति का वैविध्यपूर्ण सौंदर्य बिखरा पड़ा है। यही कारण है, कि फूलों का देश जापान को छोड़कर आने की दु: खद स्मृति हाइकु काव्य को कभी अक्रांत नहीं कर पाई। वह इस देश को भी  अपने घर की मानिंद महसूस करती रही। यही कारण है कि हिन्दी साहित्य...