ब्लॉगसेतु

Basudeo Agarwal
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शैलपुत्री माँहिम गिरि तनयावांछित-लाभा।**ब्रह्मचारिणीकटु तप चारिणीवैराग्य दात्री।**माँ चन्द्रघण्टाशशि सम शीतलाशांति प्रदाता।**चौथी कूष्माण्डामाँ ब्रह्मांड सृजेताउन्नति दाता।**श्री स्कंदमाताकार्तिकेय की मातावृत्ति निरोधा।**माँ कात्यायनीकात्यायन तनयापुरुषार्थ दा।**काल...
Yashoda Agrawal
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पूस की रातखुला आसमाँ औरआवारा कुत्ते!क्या कहते हैं?भौं-भौं करके ये आवारा कुत्ते!रात भर येखुली जंग लड़तेठिठुरन से ।अगले दिनधूप से बतियाते आवारा कुत्ते!हाड़ कँपाएँठंड की लम्बी रातेंखुला आसमाँ।सहनशक्तिओढ़कर सो जाते आवारा कुत्ते!चन्द टुकड़ेरोटियाँ खाकरकेप...
Meena Bhardwaj
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★गोधूलि काललौटते निज नीड़थके पखेरू★राह निहारेसुकुमार नयनअंक-पाश की★तारों की छाँवहँसते मुस्कुरातेआँखों की तारे★माँ का आँचलसुखद अनुभूतिमीठी सी लोरी★शैशव कालशिशु की पहचानचिन्ताजनक★
 पोस्ट लेवल : हाइकु
sanjiv verma salil
5
सरायकी हाइकु *लिखीज वेंदेतकदीर दा लेखमिसीज वेंदे*चीक-पुकारदिल पत्थर दापसीज वेंदे*रूप सलोनामेडा होश-हवासवजीज वेंदे*दिल तो दिलदिल आख़िरकारबसीज वेंदे*कहीं बी जातेबस वेंदे कहीं बीलड़ीज वेंदे*दिल दी माड़ीजे ढे अपणै आपउसारी वेसूं*सिर दा बोझतमाम धंधे धोकेउसारी वेसूं*साड़ी चाद...
 पोस्ट लेवल : सरायकी हाइकु
shashi purwar
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अर्थ घनत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं "जोगिनी गंध" के हाइकु - डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर'वर्तमान युग परिवर्तन का युग है और परिवर्तन की यह प्रक्रिया जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में है। साहित्य भी इससे अछूता नहीं है। मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि बदलते परिवेश में...
sanjiv verma salil
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पुरोवाक :'जोगिनी गंध' - त्रिपदिक हाइकु प्रवहित निर्बंध  आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'*भाषा सतत प्रवाहित सलिला की तरह निरंतर परिवर्तनशील होती है। लोकोक्ति है 'बहता पानी निर्मला', जिस नदी में जल स्रोतों से निरंतर ताजा जल नहीं आता और सागर में जल र...
sanjiv verma salil
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हाइकु *माँ सरस्वती! अमल-विमल मति दे वरदान। *हंसवाहिनी!कर भव से पार वीणावादिनी। *श्वेत वसना !मन मराल कर कालिमा हर। *ध्वनि विधात्री!स्वर-सरगम दे गम हर ले। *हे मनोरमा!रह सदय सदा अभयप्रदा। *मैया! अंकित छवि मन पर हो दैवी वंदित।*शब्द-साधना सत-शिव-सुंदर पा अर्चित हो। *...
 पोस्ट लेवल : हाइकु सरस्वती
जेन्नी  शबनम
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दिवाली (दिवाली पर 7 हाइकु)   *******   1.   सुख समृद्धि   हर घर पहुँचे   दीये कहते।   2.   मन से देता   सकारात्मक ऊर्जा   माटी का दीया।   3.   दीयों क...
 पोस्ट लेवल : हाइकु दिवाली
जेन्नी  शबनम
81
चाँद (चाँद पर 10 हाइकु)   *******   1.   बिछ जो गई   रोशनी की चादर   चाँद है खुश।   2.   सबका प्यारा   कई रिश्तों में दिखा   दुलारा चाँद।   3.   सह न सका&n...
 पोस्ट लेवल : हाइकु चाँद
जेन्नी  शबनम
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रिश्ते(10 हाइकु)  *******   1.   कौन समझे   मन की संवेदना   रिश्ते जो टूटे।   2.   नहीं अपना   कौन किससे कहे   मन की व्यथा।   3.   दीमक लगी   अंदर से...
 पोस्ट लेवल : हाइकु रिश्ते