ब्लॉगसेतु

जेन्नी  शबनम
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बादल राजा (बरसात पर 10 हाइकु)  *******  1.  ओ मेघ राजा  अब तो बरस जा  भगा दे गर्मी!  2.  बदली रानी  झूम-झूम बरसी  नाचती गाती!  3.  हे वर्षा रानी  क्यों करे मनमानी  बरसा पानी!  4.  नहीं...
 पोस्ट लेवल : हाइकु बरसात
जेन्नी  शबनम
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कैसी आज़ादी पाई  (स्वतंत्रता दिवस पर 4 हाइकु)  *******  1.  मन है क़ैदी,  कैसी आज़ादी पाई?  नहीं है भायी!  2.  मन ग़ुलाम  सर्वत्र कोहराम,  देश आज़ाद!  3.  मरता बच्चा  मज़दूर किसान,  कैसी आज़ादी?...
जेन्नी  शबनम
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रिश्तों की डोर  (राखी पर 10 हाइकु)  *******  1.  हो गए दूर  संबंध अनमोल  बिके जो मोल!  2.  रक्षा का वादा  याद दिलाए राखी  बहन-भाई!  3.  नाता पक्का-सा  भाई की कलाई में  सूत कच्चा-सा!  4. &nbs...
 पोस्ट लेवल : हाइकु राखी
sanjiv verma salil
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हाइकु नवगीत :संजीव.टूटा विश्वासशेष रह गया है विष का वास.कलरव हैकलकल से दूरटूटा सन्तूरजीवन हुआकिलकिल-पर्यायमात्र संत्रास.जनता मौनसंसद दिशाहीननियंता कौन?प्रशासन नेकस लिया शिकंजाथाम ली रास.अनुशासनएकमात्र है राहलोक सत्ता की.जनांदोलनशांत रह कीजिएबढ़े उजास.salil.sanj...
sahitya shilpi
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sanjiv verma salil
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हाइकु(एक प्रयोग)*भोर सुहानीफूँक रही बेमोलजान में जान। .*जान में जानआ गयी, झूमी-नाची बूँदों के साथ।*बूँदों के साथजी लिया बचपनआज फिर से। *आज फिर सेमचेगा हुडदंगसंसद सत्र।*संसद सत्रदुर्गन्ध ही दुर्गन्धफैलाओ इत्र।***http://divyanarmada.blogspot.in/
sanjiv verma salil
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हाइकु सलिला *कल आएगा? सोचना गलत हैजो करो आज। *लिखो हाइकु कागज़-कलम लेहर पल ही। *जिया में जियाहर पल हाइकु जिया ने रचा। *चाह कलम मन का कागज़ भाव हाइकु। *शब्द अनंत पढ़ो-सुनो, बटोरो मित्र बनाओ। *शब्द संपदाअनमोल मोती हैं सदा सहेजो। *श्वास नदिया आस नद-प्रवाह प्रयास नौक...
sanjiv verma salil
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विशेष लेख:हाइकु एक जापानी छंद आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' *                          हाइकु सामान्यतः ३ पंक्तियों की वह लघु काव्य रचना है जिसमें सामान्यतः क्रमश: ५-७-५ ध्वनियों का प्रयोग कर एक...
sanjiv verma salil
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हाइकुज्योतिर्मयी हैमानव की चेतनाहो ऊर्ध्वमुखी*ज्योति है ऊष्मसलिल है शीतलमेल जीवन*ज्योति जलतीपवन है बहताजग दहता*ज्योति धरतीबाँटती उजियारातम पीकर*ज्योति जागतीजगत को सुलातीआप जलकर*३-७-२०१७#हिंदी_ब्लॉगिंगhttp://divyanarmada.blogspot.in/
जेन्नी  शबनम
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धरा बनी अलाव  (गर्मी के 10 हाइकु)  *******  1.  दोषी है कौन?  धरा बनी अलाव,  हमारा कर्म!  2.  आग उगल  रवि गर्व से बोला -  सब झुलसो!  3.  रोते थे वृक्ष -  'मत काटो हमको',  अब भुगतो!  4. &nbsp...
 पोस्ट लेवल : गर्मी हाइकु