ब्लॉगसेतु

PRAVEEN GUPTA
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महाराज अग्रसेन का वंश, अग्रवाल समाज और रामजन्मभूमि आंदोलन"जिस दिन राम जन्मियो काटण पृथ्वी कलंक,वंश छत्तीसों उपरे, कुल इक्षवाकु निकलंक।"#अग्रोपाख्यान ग्रन्थ के अनुसार महाराज इक्ष्वाकु के परम शुद्ध कुल में #मान्धाता, #दिलीप, #भगीरथ, #रघु, #राम आदि अनेक राजा हुए। उसी...
दिनेशराय द्विवेदी
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'भँवर म्हाने पूजण दो गणगौर'यह उस लोक गीत का मुखड़ा है जो होली के अगले दिन से ही राजस्थान भर में गाया जा रहा है। राजस्थान में वसंत के बीतते ही भयंकर ग्रीष्म ऋतु का आगमन हो जाता है। आग बरसाता हुआ सूरज, कलेजे को छलनी कर देने और तन का जल सोख लेने वाली तेज लू के तेज थपे...
यूसुफ  किरमानी
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#दिल्ली_रक्तपात या #दिल्ली_जनसंहार_2020 की दास्तान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है...अकबरी दादी (85) के बाद अब सलमा खातून दादी (70) की हत्या ने मेरे जेहन को झकझोर दिया है। मैंने गामड़ी एक्सटेंशन में तीन मंजिला बिल्डिंग में जिंदा जला दी गई 85 साल की अकबरी दादी की कह...
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रंगों का त्योहाररंगों का त्योहार आयाखुशी चारों ओर लायाहाथ में गुलाल लेकेआप भी तो आइए गुजिया के थाल सजे ढोलक मंजीरे बजे राधे के तो साथ में आप भी तो गाइए बरसे गुलाल लालकरे होली में धमालसखी अपने साथ तो राधा को नचाइएरंग हरा लाल पीलाकृष्ण न...
Krishna Kumar Yadav
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होली का त्यौहार नजदीक आते ही इसका रंग लोगों पर  चढ़ने चढ़ने लगता है। हर कोई अपनी होली  को यादगार बनाने के लिए कुछ अनूठा करना चाहता है। पर कभी आपने सोचा है कि आपकी होली पर डाक टिकट भी जारी हो सकता है। इस सम्बन्ध में जानकारी  देते हुए लखनऊ मुख्यालय...
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आई बसन्त-बहार, चलो होली खेलेंगे!! रंगों का है त्यौहार, चलो होली खेलेंगे!!--बागों में कुहु-कुहु बोले कोयलिया, धरती ने धारी है, धानी चुनरिया, पहने हैं फुलवा के हार, चलो होली खेलेंगे!!--हाथों में खन-खन, खनके हैं चुड़ियाँ, प...
sanjiv verma salil
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याद तुम्हारी *याद तुम्हारी नेह नर्मदा आकर देती है प्रसन्नता हर लेती है हर विपन्नता याद तुम्हारी है अखण्डिता सह न उपेक्षा हो प्रचंडिता शुचिता है साकार वन्दिता याद तुम्हारी आदि अमृता युग युग पुजती हो समर्पिता अभिनंदित हो आत्म अर्पिता *संजीव ७-३-२०२०http://divyanarmad...
PRAVEEN GUPTA
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महाराज अहिबरन जी बरनवाल जाती के आदि पुरुष और शहर बरन ( बुलंदशहर ) के जन्म दाता का संक्षिप्त परिचय :-बरनवाल जाती के आदि पुरुष महाराज अहिबरन सुर्यवंश की २१वीं पीढ़ी में होने वाले चक्रवर्ती सम्राट महाराज मान्धाता के तृतीय पुत्र राजा अम्बरिस के वंशज थे , जिन्होंने चन्द...
Yashoda Agrawal
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स्वर-लहरीउमंग है जगातीबीज है बोती ।..........नीला आकाशखेतों की हरियालीचंचल दृग।............भील नारियाँसपने हैं पिरोतीगीत गाती ।.......हरी फसलझूमता है नीर धान की मेड़।........बहता पानीछुटकी मछलियाँकिलोल करें।...........झूमे तालाबकमल  पंखुड़ियाँमधुर स्मित ।.....
 पोस्ट लेवल : डॉ.निशा महाराणा
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--उग्रवाद-अलगाव की, सुलग रही है आग।लोग खून से खेलते, खुले-आम अब फाग।।--क्यारी में उगने लगी, अब जहरीली बेल।खेतों में होने लगा, कैसा खूनी खेल।।--धर्म-जाति के नाम पर, बढ़ने लगा जुनून।राजनीति के जाल में, सिसक रहा कानून।।--मान-मुनव्वल की अभी, बन्द करो मनुहार।देशद्रोह...
 पोस्ट लेवल : दोहे बन्द करो मनुहार