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sanjiv verma salil
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अभिनव प्रयोग:प्रस्तुत है पहली बार खड़ी हिंदी में बृजांचल का लोक काव्य भजन जिकड़ीजय हिंद लगा जयकारा(इस छंद का रचना विधान बताइए)*भारत माँ की ध्वजा, तिरंगी कर ले तानी।ब्रिटिश राज झुक गया, नियति अपनी पहचानी।। ​​​​​​​​​​​​​​​अधरों पर मुस्कान।गाँधी बैठे दूर पोंछते, जनता के...
अजय  कुमार झा
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इस शताब्दी के शुरुआत में ही विश्व सभ्यता किसी अपेक्षित प्राकृतिक आपदा का शिकार न होकर विरंतर निर्बाध अनुसंधान की सनक के दुष्परिणाम से निकले महाविनाश की चपेट में आ गया |  किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कभी इंसान की करतूत उसके लिए ऐसे हालात पैदा कर देंगे ज...
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हिंदी व्याकरण : अनुस्वार और अनुनासिक चंद्रबिंदु अनुस्वार- अनुस्वार का चिह्न (ं) यह है, यह तो आप सब जानते ही हैं।हर व्यंजन कहलाने वाले वर्ग के पाँचवें वर्ण जैसे - ङ् ञ् ण् न् म् का प्रयोग जब किया जाता...
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हिंदी व्याकरण : एकल और दोहरा उद्दरण चिह्न हिंदी में एकल उद्धरण (' ') और दोहरा उद्धरण/कोटेशन (" ") कब प्रयोग किये जाते हैं ।एकल उद्धरण = किसी उपनाम , शीर्षक , उपाधि के लिए एकल उद्धरण चिह्न का प्रयोग किया जाता है।जैसे - पंडित श्री सूर्यक...
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हिंदी व्याकरण : रस क्या है?रस बहुअर्थी शब्द है। काव्य शास्त्र में काव्य को पढ़ने में पाठक को, दर्शक को देखने में और श्रोता को सुनने में जो आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है उसे रस कहते हैं। रस का अर्थ सार तत्व भी लिया जाता है। फलों का सार तत्व रस...
 पोस्ट लेवल : हिंदी व्याकरण : रस
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हिंदी व्याकरण :पहले स्वर - वर्ण से आरंभ मुहावरे :-अ - अपने मुँह मियाँ मिट्ठु बनना - अपनी तारीफ स्वयं करना - कुछ लोगों को अपने मुँह मियाँ मिट्ठु बनने की आदत होती है।आ - आँख का तारा होना - बहुत प्यारा होना, क्षितिज अपने नाना- नानी के आँख...
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हिंदी व्याकरण :  ड.ञ,ण,न,म वर्णों का प्रयोगये वर्ण अपने-अपने वर्गों के पंचम अर्थात अन्तिम वर्ण हैं। ये पाँचों अनुनासिक वर्ण हैं। इन के सही प्रयोग जानने के लिए हम कुछ उदाहरण देखेंगे -पंक = पङ्क ; पंजा = पञ्जा ; खंड = खण्ड ; दंत = दन्त ; दंभ = दम्भ।नियम यह है कि...
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हिंदी व्याकरण : तालव्य हिंदी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सर्वाधिक वैज्ञानिक भाषा है। हम हिंदी को जिस रूप में बोलते हैं उसी रूप में लिखते भी हैं।जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हिंदी में स्वर और व्यंजन दोनों को मिलाकर 52 वर्ण हैं।स्वर एवम् व्यंजन दोन...
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हिंदी व्याकरण : ऋ और रि ऋ वर्ण संस्कृत का मूल वर्ण है जिसे हिंदी देवनागरी लिपि में भी उसी रूप मे लिखा जाता है। ऋ को स्पष्ट रूप से बताने के लिए कुछ बातों का उल्लेख करना चाहती हूँ।ऋ एक स्वर है और घोष ध्वनि&n...
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विमर्श : आप क्या सोचते हैं बताएँ.प्रश्न: भारतीय बोलियाँ हिंदी का हिस्सा हैं या नहीं?हिस्सा हैं तो अलग मान्य क्यों?,हिस्सा नहीं हैं तो उनके साहित्यकारों को हिंदी का माना जाए या नहीं??*भारत की सभी बोलियाँ भाषाएँ हिंदी की बहनें हैं. विद्यापति भारत और हिंदी के भी हैं....