हिंदी गज़ल|| Hindi Gazalअगर मुमकिन नहीं है फिर ये दावा कौन करता हैकोई भी फैसला उसके अलावा कौन करता हैउन्हें तो छींक पर भी दाद मिलती है जमाने कीहमारे शेर पर वाह—वाह, वा—वा कौन करता हैकिया है इश्क मैंने इसलिए मालूम है सबकुछमुहब्बत कौन करता है दिखावा कौन करता है।।&nbsp...