ब्लॉगसेतु

Mayank Bhardwaj
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आज आपके लिए बहुत ही खतरनाक मूवी लेकर आया हु मुझे तो खतरनाक मूवी ही अच्छी लगती है इसलिए इन मूवी को अपने ब्लॉग पर दे देता हु अगर आपको भी खतरनाक मूवी देखना का शोक है तो आज की मूवी आप लोगो के लिए ही है और ये सब हिंदी में और ओरिजनल प्रिंट में है बस क्लीक करके डाउनलोड कर...
 पोस्ट लेवल : Hollywood Movie हिंदी में
Bhavana Lalwani
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एक सितारा टूट कर आसमान से ज़मीन पर आ गिरा ...बहुत से तारे कई बार टूट कर गिरते  ही रहते है..क्या बड़ी बात है.  पर वो सितारा रोज़ मेरे कमरे की खिड़की से दिखता था... उसकी चमक औरों से कुछ अलग दिखती थी. और तारों से थोड़ा ज्यादा चमकीला, थोड़ा ज्यादा करीब ..य...
 पोस्ट लेवल : Essays हिंदी निबंध Hindi Essays
Ravindra Prabhat
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आज भले ही हिंदी साहित्य ब्लॉग पर अपनी शैशवास्था में हो पर आने वाला समय निश्चित रूप से उसी का है। वर्तमान में हिंदी के साहित्यकारों की पहुंच भी इन ब्लॉगों पर लगभग 10 प्रतिशत के आसपास ही है। लेकिन इंटरनेट उपयोगकर्त्ताओं की बढ़ती संख्या आश्वस्त  करती है...
anup sethi
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छायांकन - हरबीर                                         &nbs...
Bhavana Lalwani
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खामोशियों के बंद दरवाजे जिस आँगन में खुलते हैं वहाँ समय और गति के सारे समीकरण अपना अर्थ खो बैठे हैं ..यहाँ एक ऐसा ब्लैक होल है जहां आकाश और धरती के बीच का अंतर, दूरी सब मिट गए हैं..यहाँ क्षितिज की रेखाएं दिखाई नहीं देती,  उनके होने का कोई भ्रम भी नहीं होत...
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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किसी लेखक ने क्या खूब कहा है. जिंदगी और मौत दोस्तों, 'मौत' शब्द पर एक लेखक ने "आनंद" फिल्म में अभिनेता राजेश खन्ना के माध्यम से कितना कुछ कहा है. इससे आप भली भांति परिचित है. मेरी उनके सामने कोई भी औकात नहीं हैं.मगर मैंने कुछ कहने का प्रयास किया है.गुण-अवगुणों...
Mayank Bhardwaj
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दोस्तों इस हफ्ते आपके लिए एक से बढकर एक मूवी है ओरिजनल प्रिंट और हिंदी में और इस हफ्ते साथ में ट्रेलर के लिंक भी दे रहा हू पहले आप ट्रेलर देखे अगर आपको मूवी पसंद आये तो उसको हिंदी में देखने के लिए डाउनलोड कर लेये सारी मूवी ओरिजनल प्रिंट और हिंदी में है तो फिर देर क...
 पोस्ट लेवल : Hollywood Movie हिंदी में
अरुण कुमार निगम
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– जनकवि स्व.कोदूराम ”दलित”               दोहा जय-जय अमर शहीद जय, सुख-सुराज-तरु-मूलतुम्हें  चढ़ाते  आज हम ,  श्रद्धा  के  दो फूल.उद्धारक माँ - हिंद के, जन - नायक, सुख-धामविश्व...
Bhavana Lalwani
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"सौम्या" अगले कुछ क्षणों  तक उस लड़के की तरफ देखती रही , जैसे सोच रही थी कि क्या वो पुराना परिचय इतना प्रगाढ़ था कि उसके लिए ये अजनबी (हाँ अजनबी ही कहा जाना चाहिए क्यूंकि सौम्या अभी  तक उसका नाम नहीं जानती थी, कितनी अजीब सी बात थी पर सच थी.. ) इतना खुश...
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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दोस्तों, आज आपको एक हिंदी ब्लॉगर की कथनी और करनी के बारें में बता रहा हूँ. यह श्रीमान जी हिंदी को बहुत महत्व देते हैं. इनके दो ब्लॉग आज ब्लॉग जगत में काफी अच्छी साख रखते हैं. अपनी पोस्टों में हिंदी का पक्ष लेते हुए भी नजर आते हैं. लेकिन मैंने पिछले दिनों हिंदी प्रे...