ब्लॉगसेतु

Sanjay Chourasia
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इंसान हमेशा विपरीत दिशाओं के प्रति ज्यादा आकर्षित होता है ! रूप , रंग , लिंग , पैसा और आजकल भाषा के प्रति , और आज की भाषा है अंग्रेजी ! भले ही आपको हिंदी का ज्ञान हो ना हो किन्तु अंग्रेजी अवश्य आनी चाहिए ! क्या आपको हिंदी आती है ? क्या आपको है हिंदी का पूर्ण ज्ञान...
 पोस्ट लेवल : हिंदी दिवस हिंदी
अरुण कुमार निगम
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– जनकवि स्व.कोदूराम ”दलित”सरल, सुबोध, सरस, अति सुंदर, लगती प्यारी-प्यारी हैदेवनागरी लिपि जिसकी, सारी लिपियों से न्यारी है.ऋषि-प्रणीत संस्कृत भाषा, जिस भाषा की महतारी हैवह हिंदी भाषा भारत के लिये परम-हितकारी है.सहती आई जो सदियों से, संकट भारी-भारी हैजीवित रही किंतु...
anup sethi
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बाल कवि बैरागी ने एक जगह कहा है, 'अकेली हिंदी ऐसी भाषा है, जिसके पास 14 सितंबर 1949 के कारण उसका जन्मदिन है, राजभाषा के तौर पर। ... किसी भी राजभाषा के पास अपना जन्मदिन नहीं है। यह इसे संविधान से मिला है।' जन्मदिन मनाना, एक भला विश्वास है। जन्मदिन मनाना और मगन रहना,...
 पोस्ट लेवल : हिंदी
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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दोस्तों, मैं हिंदी में लिखी या की हुई टिप्पणी जल्दी से पढ़ लेता हूँ और समझ भी जाता हूँ. अगर वहां पर कुछ लिखने का मन करता है. तब टिप्पणी भी करता हूँ और कई टिप्पणियों का प्रति उत्तर भी देता हूँ या "पसंद" का बटन दबाकर अपनी सहमति दर्ज करता हूँ. अगर मुझे आपकी बात समझ...
Bhavana Lalwani
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कहानी के किरदार मर जाते हैं पर कहानी जिंदा  रहती है.. कहानी में कोई नाम, कोई किरदार जिसका रंग, रूप, आकार हम अपनी पसंद , अपनी कल्पना से गढ़ लेते हैं, जिनका  जीना, मरना, सोचना, समझना हमको अपना सा, अपने करीब सा लगने लगता है. कहानी में  किरदार मरते&nb...
Mahesh Barmate
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वो हर सुबह मुझसे मेरा ख्वाब पूछा करती थी...कैसा था वो बीती रात का बादलों के पीछे छिपता महताब पूछा करती थी...। उसकी आँखों में था मय का सागर,और वो आँखों ही आँखों मे मुझसे ज़ाम पूछा करती थी। वो कहती थी के तुम्हें भुला न पाऊँगी कभी, पर हर मुलाक...
Mayank Bhardwaj
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दोस्तों आज आपके लिए बहुत ही बेहतरीन मूवी लाया हु जिन्हें देख कर आपको बहुत मजा आएगा ये सारी मूवी ओरिजनल प्रिंट और हिंदी में है तो फिर देर किस बात की जल्दी से मूवी डाउनलोड करे मैं जो अपने ब्लॉग पर मूवी डालता हू वो बस torrent file फाइल होती है इनका साइज बहुत ही कम होत...
 पोस्ट लेवल : Hollywood Movie हिंदी में
अरुण कुमार निगम
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-जनकवि स्व.कोदूराम ”दलित” गुरु, पितु, मातु, सुजन,भगवान,  ये पाँचों हैं पूज्य महानगुरु  का  है  सर्वोच्च  स्थान , गुरु है सकल गुणों की खान.कर अज्ञान तिमिर का नाश,  दिखलाता यह ज्ञान-प्रकाशरखता  गुरु  को  सदा  ...
अरुण कुमार निगम
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– जनकवि स्व.कोदूराम ”दलित”  कवि पैदा होकर आता है होती कवियों की खान नहींकविता करना आसान नहीं.कविता कर सके सूर तब , जब अपनी दोनों आँखें फोड़ीकविता कर सके संत तुलसी , जब अपनी प्रिय रत्ना छोड़ीकविता कर सके कबीर कि जब झीनी-झीनी चादर ओढ़ीदे गये जगत को अमर काव्य , जब...
Bhavana Lalwani
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मैं ज़िन्दगी का  एक अधूरा ख्वाब हूँ जिसे उसने अपने सफ़र के सबसे सुहाने और बेपरवाह दौर में देखा... मैं उसकी रात के आखिरी पहर की गहरी बेफिक्र मीठी  नींद का हिस्सा हूँ, उसकी सुबह की प्रभात बेला की अलसाई, अधमुंदी - अधखुली आँखों की धुंधली सी चमक ... वो ख्वा...