ब्लॉगसेतु

Kajal Kumar
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कुछ समय पहले मैंने एक पोस्ट लिखी थी आप ब्लागर हैं ! तो यह जानकारी आपको भी होनी ही चाहिये. .    इसमें मैंने यह भी लिखा था कि एंड्रॉयड चलित सभी टैबलेट/फ़ोन में हिन्दी नहीं पढ़ी जा सकती.इस बीच इंटरनेट पर खोजबीन करते-करते मैं एक ऐसे फ़ोरम  पर पहुं...
Sanjay Chourasia
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क्या आपको हिंदी आती है ? क्या आपको है हिंदी का पूर्ण ज्ञान ? यदि नहीं , तो सबसे पहले हिंदी सीखें ! अगर आप हैं हिंदी के ज्ञाता, तो आप फक्र कर सकते हैं अपने आप पर , और यदि आपको नहीं हैं हिंदी का पूर्ण ज्ञान , तो पहले हिंदी सीखो , फिर सीखो अंग्रेजी, क्योंकि हिंदी आपकी...
 पोस्ट लेवल : अंग्रेजी हिंदी
Ravindra Prabhat
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..आज जिसप्रकार हिंदी ब्लोगर साधन और सूचना की न्यूनता के बावजूद समाज और देश के हित में एक व्यापक जन चेतना को विकसित करने में सफल हो रहे हैं वह कम संतोष की बात नही है । हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय स्वरुप देने में हर उस ब्लोगर की महत्वपूर्ण भुमिका है जो बेहतर प्रस्तुतीकर...
Ravindra Prabhat
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........गतांक से आगे ....हिंदी ब्लोगिंग के समूचे परिदृश्य के बिहंगावलोकन के क्रम में मैंने वर्ष-२००३ से वर्ष-२००८ तक के सक्रिय और महत्वपूर्ण ब्लॉग का उल्लेख कर चुके हैं , संभव है कुछ और महत्वपूर्ण ब्लॉग शेष रह गए हों , जिनकी चर्चा न की जा सकी हो । अब आज के इस अंक म...
Ravindra Prabhat
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......गतांक से आगे ....वर्ष-२००८ में मैं कुछ ऐसे ब्लोग्स से रूबरू हुआ जिनमें विचारों की दृढ़ता स्पष्ट दिखाई दे रही थी । मुझे उन चिट्ठों की सबसे ख़ास बात जो समझ में आयी वह है पूरी साफगोई के साथ अपनी बात रखने की कला । ब्लॉग चाहे छोटा हो अथवा बड़ा , किसी भी पोस्ट ने मे...
Ravindra Prabhat
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.........गतांक से आगे .....वर्ष-२००८ में चिट्ठा चर्चा के ३  वर्ष पूरे हुए, यह एक सुखद पहलू रहा हिंदी ब्लोगिंग के लिए, क्योंकि जनवरी-२००५  में ज़ब इसकी शुरुआत हुई थी, तब उस समय हिन्दी ब्लॉगजगत मे गिने चुने ब्लॉगर ही हुआ करते थे। उस समय...
Ravindra Prabhat
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वर्ष -२००८ में हास्य-व्यंग्य रचनाओं के माध्यम से जिन चिट्ठों ने खूब धमाल मचाया , वह हैं - इस वर्ष हिंदी ब्लोगिंग में एक ऐसे ब्लॉग की शुरुआत हुई , जिसने हास्य-व्यंग्य की अनोखी रसधाराएं प्रवाहित करने में सफलता प्राप्त की.....नाम है " ताऊ डोट इन " इस ब्लॉग ने अपने पहल...
Ravindra Prabhat
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......गतांक से आगे “यूँ न रह-रह के हमें तरसायिये, आईये, आ जाईये , आजायिये ,फ़िर वही दानिश्ता ठोकर खाईये, फ़िर मेरे आगोश में गिर जाईये,मेरी दुनिया मुन्तजिर है आपकी , अपनी दुनिया छोड़ कर आजायिये…।!”यही ग़ज़ल है , जिसे हम गुनगुनाते हुए आज की चर्चा की शुरूआत करने जा रहे ह...
Ravindra Prabhat
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....... गतांक से आगे .....हम बात कर रहे हैं मुम्बई हमले के बाद हिंदी ब्लॉग की भूमिका के बारे में , चलिए आगे बढ़ते हैं -जनवरी-२००८ में हिंदी ब्लॉगजगत में एक गंभीर बहस को जन्म देने वाला ब्लॉग आया "मेरी आवाज़ " शिकागो निवासी श्री राम त्यागी के इस ब्लॉग ने बड़ा ही महत्वप...
Ravindra Prabhat
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वर्ष -2००८ में हिन्दी चिट्ठा जगत के लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि इस दौरान अनेक सार्थक और विषयपरक ब्लॉग की शाब्दिक ताकत का अंदाजा हुआ । अनेक ब्लोगर ऐसे थे जिन्होनें अपने चंदीली मीनार से बाहर निकलकर जीवन के कर्कश उद्घोष को महत्व दिया लेखन के दौरान , तो कुछ ने भावनाओं...