ब्लॉगसेतु

सतीश सक्सेना
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हिंदी साहित्य में ऐसे बहुत कम लोग हैं जो बिना किसी दिखावा शानशौकत के चुपचाप अपना कार्य करते हैं , उनमें ही एक बेहद सादगी भरा व्यक्तित्व अरविन्द कुमार का है जिनको मैंने जितना जानने का प्रयत्न किया उतना ही प्रभावित हुआ !वे मेरठ पोस्ट  ग्रेजुएट &nb...
sanjiv verma salil
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हिंदी में विदेश ध्वनियाँजब हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा प्रचलित हुई तब कुछ ऐसी ध्वनियों से हमारा परिचय हुआ जो हिन्दी ध्वनियों से भिन्न थीं। ये ध्वनियाँ हमारी पुरानी परम्परा में नहीं थीं--क़ (क़िस्सा, रक़्स, मुश्ताक़),ख़ (ख़राश, सख़्त, सुर्ख़),ग़ (ग़ाफ़िल, बग़ल, दाग़...
sanjiv verma salil
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नवगीत*पीट रहे सिर भगतसिंहबिलख रहे आजाद*हिंदुस्तान गुलाम हैकरे इंडिया राजहिदी के सिर चढ़ रहीइंग्लिश पहने ताजतंत्र छीनकर लोक केसरेआम अधिकारकाट-रौंद जंगल करेखेती को बर्बाद*मार राष्ट्र की आत्मासज नेशन की देहजीती बस खुद के लिएतज परिवार अदेहजैसे भी हो चाहिएपॉवर, पैसा, प्...
 पोस्ट लेवल : नवगीत हिंदी
sanjiv verma salil
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नवगीत*कौनऊ मैया की सुध लेओ*माँग भर दी संविधान नेपलट नई सुध लीनीराम नें अल्ला टेर सुन रएईसा नें छत छीनीघर नें घाट की रई मताईकाय नें ढाढस देओ*मोड़ी बोली कओ नें मानेंअकड़ भई विदरोहीवैलेंटाइन लव जिहाद खोंसगो समझ जड़ खोदीहिंदी माँ खों गले लगा खेंसुख देओ, सुख लेओ*अनहद ना...
 पोस्ट लेवल : नवगीत हिंदी
Manisha Sharma
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हिंदी को बढ़ावा देने के लिये हम सब क्या करें?भारत सरकार की राजभाषा नीति के अनुसार हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। सरकार हिंदी को बढ़ावा देने के लिये हर साल 14 सितम्बर को हिंदी दिवस का सभी सरकारी कार्यालयों में आयोजन करती है। सरकार तो हिंदी को बढ़ावा देने...
 पोस्ट लेवल : भाषा अनुभव हिंदी
सतीश सक्सेना
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जब से फ्री व्हाट्सप्प और कई तरह के मेसेंजर आये है तब से दोस्तों के, परिवार जनों के गुड मॉर्निंग, विभिन्न अवसर पर बधाई सन्देश इतने आने लगे हैं कि अगर सब संदेशों का जवाब दिया जाये तो रोज सुबह एक घंटा कम से कम लगता है ! सन्देश भेजने वाला...
sanjiv verma salil
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श, ष, स भेद , उच्चारण स्थान--------------------------श ष स के उच्चारण भेद को बहुधा लोग नहीं जानते, यदि जानते भी होंगे तो जानबूझ त्रुटि करते हैं अथवा स्वाभविक सुगमतावश गलत उच्चारण होता है। संस्कृत ही एक मात्र व्यवस्थित जिसका विज्ञानपरक व्याकरण को समूचा विश्व अप...
sanjiv verma salil
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अभिनव प्रयोग:प्रस्तुत है पहली बार खड़ी हिंदी में बृजांचल का लोक काव्य भजन जिकड़ीजय हिंद लगा जयकारा(इस छंद का रचना विधान बताइए)*भारत माँ की ध्वजा, तिरंगी कर ले तानी।ब्रिटिश राज झुक गया, नियति अपनी पहचानी।। ​​​​​​​​​​​​​​​अधरों पर मुस्कान।गाँधी बैठे दूर पोंछते, जनता के...
अजय  कुमार झा
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इस शताब्दी के शुरुआत में ही विश्व सभ्यता किसी अपेक्षित प्राकृतिक आपदा का शिकार न होकर विरंतर निर्बाध अनुसंधान की सनक के दुष्परिणाम से निकले महाविनाश की चपेट में आ गया |  किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कभी इंसान की करतूत उसके लिए ऐसे हालात पैदा कर देंगे ज...
sanjiv verma salil
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हिंदी व्याकरण : अनुस्वार और अनुनासिक चंद्रबिंदु अनुस्वार- अनुस्वार का चिह्न (ं) यह है, यह तो आप सब जानते ही हैं।हर व्यंजन कहलाने वाले वर्ग के पाँचवें वर्ण जैसे - ङ् ञ् ण् न् म् का प्रयोग जब किया जाता...