ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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पूरा भारत घर में बंद है सिर्फ उनको छोड़कर जिनको बाहर होना चाहिये जैसे डॉक्टर, पुलिस आदि. साथ ही कुछ ऐसे भी बाहर हैं जो पुलिस से प्रसाद लिए बिना अंदर नहीं जाना चाहते. मगर घर में बंद लोग पूरी ताकत से व्हाटसएप पर चालू हैं. अगर व्हाटसएप का मैसेज मैसेज न हो कर एक पैसे वा...
rashmi prabha
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मैं तुमसे या कर्ण सेबिल्कुल कम नहीं रही अर्जुन,लक्ष्य के आगे से मेरी दृष्टिकभी विचलित नहीं हुई ...परिस्थितियों के आगे एकलव्य की तरहमैंने आत्मविश्वास की मूर्ति बनाईलक्ष्य साधा,तुमसे (अर्जुन से)अधिक प्रबल हुईपर वहीं कर्ण की सहनशीलता अपनाकरश्राप की हकदार हुई !लेकिन,यु...
समीर लाल
77
भारत यात्रा के दौरान सूचना दी मित्र को कि उनके शहर दर्शन पर हैं सपरिवार. शहर देखेंगे, कुछ सिद्ध मंदिरों मे दर्शन कर प्रभु का आशीष प्राप्त कर आप तक कल पहुँचेंगे.मित्र ने हिदायत दी कि मंदिर में भीड़ बहुत होती है, अतः दर्शन टाल दिया जाये. करोना वायरस फैला है, खतरा न पा...
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         यदि संयुक्ताक्षर शब्द के अर्थ पर ध्यान दें तो संयुक्त + अक्षर। अर्थात् दो या दो से अधिक अक्षरों के मेल से बने अक्षरों को संयुक्ताक्षर कहते हैं।         देखने में यह आया है कि विद्वानों ने ‘‘क्ष’’ ‘‘त्र...
rashmi prabha
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हँसते,भागते,खेलते हुए,सुबह से दोपहरफिर शाम,और रात हो जाती हैबदल जाती है तारीख ।सोचती रहती हूँ,अभी तो हम मिले थे,मीलों साथ चले थे,और किसी दिनकभी तुमकभी मैंगाड़ी में बैठते हुएहाथ छूते हैं,कुछ दूर हाथ हिलते हैंफिर गाड़ी का शीशा बन्दगेट से बाहर निकलने के पहले हीहम ओझल हो...
रविशंकर श्रीवास्तव
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सुरेन्द्र मोहन पाठक, जेम्स हेडली चेइज या प्रेमचंद - किसी भी हिंदी किताब, जो अमेजन किंडल पर उपलब्ध हो, उसका आनंद सुनकर ले सकते हैं. आंख बंद कीजिए, किंडल उपकरण (आवाज समर्थित) या किंडल ऐप्प (एंड्रायड या एपल उपकरण या डेस्कटॉप पीसी पर) पर प्ले बटन दबाएँ, किताब चुनें और...
 पोस्ट लेवल : तकनीकी तकनीक हिन्दी
rashmi prabha
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जब भी कहीं से गुजरा हूँया गुजरी हूँएक फुसफुसाहट नेविद्युत गति से,मेरा पीछा किया है"टूटे घर से है" ...टूटा घर !क्या सच में टूटा हुआ घर वो है,जिसमें माता पिता अलग हो जाते हैंया वह घर है,जिसमें बच्चों की दुहाई देतेमाता पिता रात दिन चीखते-चिल्लाते हैं !न जमीन अपनी लगती...
kumarendra singh sengar
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यूनेस्को की घोषणा के बाद प्रतिवर्ष 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है. इसको मनाये जाने का उद्देश्य भाषाओं और भाषाई विविधता को बढ़ावा देना है. मातृभाषा के बिना किसी भी देश की संस्कृति की कल्पना बेमानी है. यही हमें राष्ट्रीयता से जोड़ती है और देश...
 पोस्ट लेवल : मातृभाषा हिन्दी
kumarendra singh sengar
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शब्दों की रवानी भी नज़र की शोख़ी मेंछोटी पड़ जाए, दिल की आवाज़, दिल से निकले और सीधे दिल से टकराए. वो एक पल के शतांश में तेरी आँखों का यूँ मटकना, होंठों में लरजन और शब्दों का गुम हो जाना.थाम कर वक़्त की उड़ान को एक झटके में, वक़्त के साथ गुज़रे वक़्त की यात्रा कर आ...
rashmi prabha
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अपहरण,हत्या,विस्फोट,गोलीबारी,यातायात दुर्घटना,किसी लड़की के पीछेकिसी का साइकिक दीवानापन,उसका जीना हराम करना,घरेलू हिंसा,यौन हिंसा ...ये तमाम हादसे उनके साथ हीताज़िन्दगी असरदार होते हैं,जिनका सीधा संपर्क होता है(उसमें भी कुछ बेअसर होते हैं)वरना सब बुद्धिमानी के चोचले...