साल 2013 जैसे ही शुरू हुआ या उससे कुछ दिन पहले ही मीडिया ने देश के प्रधानमन्त्री को लेकर एक बहस छेड़ दी, और आज तक यह बहस अनवरत रूप से जारी है. संभवतः 2014 में जब तक चुनाव नहीं हो जाते तब तक यह जारी रहेगी. इसे बहस कहना तो सही नहीं है, आप कहेंगे क्योँ? तो मेरा सीधा सा...