ब्लॉगसेतु

निरंजन  वेलणकर
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३: नार्कण्डा से रामपूर बुशहर इस लेखमाला को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए| २९ जुलाई! इस यात्रा का दूसरा दिन| आज नार्कण्डा से रामपूर बुशहर की तरफ जाना है| कल नार्कण्डा में अच्छा विश्राम हुआ| रात बारीश भी हुई| २७०० मीटर से अधिक ऊँचाई पर रात में कोई दिक्कत...
विजय राजबली माथुर
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 * एक वरिष्ठ साहित्यिक ने कहा: यशपाल का कर्मक्षेत्र लखनऊ था, उनके संपूर्ण साहित्य का रचनास्थल। यह भूलने का खामियाजा लखनऊ भरेगा, यशपाल के वंशज नहीं।**  ‘यशपाल का कोई नाम न लेने वाला’ होने का प्रमाण यह दिया गया कि लखनऊ के अन्य दिवंगत साहित्यिकों की तरह...
sanjiv verma salil
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हिमाचली लोकगीतों में छंदबद्धता- आशा शैली *जन्मः २ अगस्त १९४२,‘अस्मान खट्टड़’ (रावलपिण्डी, अविभाजित भारत), मातृभाषा पंजाबी, शिक्षा: विद्याविनोदिनी, लेखन विधाःकविता, कहानी, गीत, ग़ज़ल, शोधलेख, लघुकथा, समीक्षा, व्यंग्य, उपन्यास, नाटक एवं अनुवाद,...
ललित शर्मा
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Brajesh Kumar Pandey
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इस यात्रा के बारे में शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें–22 जूनकल का दिन बारिश के जिम्मे रहा या फिर ये कहें कि बारिश का आनन्द लिया गया। तो फिर कल के दिन के लिए निर्धारित कार्यक्रम आज जारी था। गाड़ी वाले से बात हो गयी थी। चम्बा जाने का प्लान कैंसिल करना पड़ा। गाड़...
Nitin Gupta
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दिनांक : १६ जुलाई                                                                       &n...
Gaurav Chaudhary
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इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे.... दिनांक- 12 मार्च 2017, दिन- रविवार (छोटी होली)संग्रहालय जाते समय जब हम नीचे चौराहे पर वापस लौटे तो यहाँ मेरी नज़र एक सुचना पट पर गयी। जिस पर हिमालयन बर्ड पार्क लिखा था। .... जब सामने ही पार्क है तो इसे नज़रअंद...
Gaurav Chaudhary
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इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... दिनांक- 12 मार्च 2017, दिन- रविवार एक नई सुबह का हम बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। जो कमी कल रह गयी उन सबको नई सुबह के साथ जो पूरा करना है। रोज की तरह समय से आँख खुल गयी। गीजर चलाया पर आधे घंटे में भी पा...
Gaurav Chaudhary
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इस यात्रा को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे...... दिनाँक- 11 मार्च 2017, दिन- शनिवार वही हमेशा की तरह सुबह 6 बजे आँख खुल गयी। मैं अपनी इस आदत से बहुत परेशान हूँ। अपने घर पर तो मैं 8 बजे तक भी सो लेता हूँ। पर किसी रिश्तेदारी में या अनजान जगह पर चाहे मु...
Gaurav Chaudhary
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इस यात्रा को आरम्भ से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे..... दिनाँक- 10 मार्च 2017, दिन- शुक्रवार  कुछ देर आराम कर फिर से घूमने को निकल गए। होटल से बाहर आये तो अब धूप निकल रही थी। रास्तो पर गिरी बर्फ धूप के कारण पिघलकर बह रही थी जो हमारे गीले जूतो...