ब्लॉगसेतु

anup sethi
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हृदयेश जी को विनम्र श्रद्धांजलिकई बरस पहले हृदयेश जी जब मुंबई आए थे, जीतेंद्र भाटिया और सुधा अरोड़ा ने अपनी वसुंधरा में उनका कहानी पाठ रखा था। गोष्ठी के बाद मैंने एक कविता लिखी, जो हृदयेश जी को समर्पित की। उन्हें भेजी और उनका आशीर्वाद भी मिला। उनकी याद में यहा...
 पोस्ट लेवल : हृदयेश कविता
prabhat ranjan
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जब दो सप्ताह पहले ‘जनसत्ता’ में प्रकाशित अपने लेख में  प्रोफ़ेसर गोपेश्वर सिंह ने लप्रेक लेखक रवीश कुमार को टीवी पत्रकार कहकर याद किया था तो सबसे पहले मेरे ध्यान में यह सवाल आया था कि क्या लेखक होने के लिए किसी ख़ास पेशे का होना चाहिए? हम शायद यह भूल ज...