ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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                                      कहानी के वे पात्र भी गढ़ लेती है क़लम जिनके क़दमों के नाम-ओ-निशान भी नहीं होते धरती के किसी  छोर पर।...
अनीता सैनी
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क़लम से काग़ज़ पर उतरने से पहलेकविता लंबा  सफ़र तय करती है।  विचारों की गुत्थी पहले सुलझातीफिर बिताए प्रत्येक लम्हे से मिलती है।  समूचे जीवन को कुछ ही पलों में  खँगालती फ़िर सुकून से हर्षाती है। घर की चहल-पहल से इतर...
Bharat Tiwari
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भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) की युवा मीडिया एजुकेटर लेखक विष्णुप्रिया पांडेय लिखने का शौक़ और कथक नृत्य में रूचि रखती हैं. आइये विष्णुप्रिया की छोटी हिंदी कहानी, 'वह कौन थी!' पढ़ते हुए 'नई क़लम' में उनका स्वागत कीजिये...भरत एस तिवारी/शब्दांकन संपादकवह कौन थी!विष्णुप...
Bharat Tiwari
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कविताओं का होना, उनका लिखा जाना बर्बर समय में संवेदनाओं के बचे रहने का सुखद संकेत है। ऐसे ही संकेतों के बिम्ब सर्वेश त्रिपाठी की 'नई क़लम' में हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इतिहास में परास्नातक और विधि स्नातक, युवा कवि सर्वेश वहाँ के उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडप...
Bharat Tiwari
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देहरादून के युवा लेखक इंजीनियर रोहन सक्सेना और उनकी छोटी हिंदी कहानी, क़िस्सा 'शहतूत' का शब्दांकन के स्तंभ नई क़लम  में स्वागत है. दुआ है कि रोहन की क़िस्सागोई ख़ूब फलेफूले. शहतूतरोहन सक्सेना की हिंदी कहानी बात बहुत आसान है। आपकी और मेरी नींद म...
अनीता सैनी
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मित्रों!एक फिल्मी गीत की पंक्तियों के साथ-रविवासरीय प्रस्तुति का प्रारम्भ करता हूँ।कागज़ कलम दवात लालिख दूँ दिल तेरे नाम करूँदिल क्या तू जान भी माँगे तो दूँ जान... --कलम की बात चली है तो कलम के बारे मेॆं भी जान लीजिए-लेखनी, कलम या पेन&...
ANITA LAGURI (ANU)
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एक कवि की तक़रार      हो गईनिखट्टू कलम सेकहा उ&#2...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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कविवर विष्णु नागर जी के शब्दों में-'पत्नी से बड़ा कोई आलोचक नहीं होताउसके आगे नामवर सिंह तो क्यारामचंद्र शुक्ल भी पानी भरते हैंअब ये इनका सौभाग्य हैकि पत्नियों के ग्रंथ मौखिक होते हैं, कहीं छपते नहीं 'वहीं दूसरी ओर वे जीवन को कविता कहते हैं- 'जीवन भी कविता बन...
DHRUV SINGH  "एकलव्य"
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                                                                   "सूनें वीरानों में कभी-...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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बीसवीं  सदी  में, प्रेमचंद  की  निर्मला  थी   बेटी, इक्कीसवीं  सदी   में, नयना  / गुड़िया  या  निर्भया, बन  चुकी   है   बेटी।कुछ  नाम  याद   होंगे  आपको, वैदिक  साहित्य &n...