ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
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सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को मेरा सादर नमस्कार।आज भारत के महान शायर मिर्जा ग़ालिब के 220वें जन्मदिवस पर गूगल ने भी उनका डूडल बनाकर उन्हें याद किया।ग़ालिब अथवा मिर्ज़ा असदउल्ला बेग ख़ान (अंग्रेज़ी:Ghalib अथवा Mirza Asadullah Baig Khan, उर्दू: غالب अथवा مرزا اسدللا بےغ خان)...
शिवम् मिश्रा
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ठण्डा का मौसम जाते-जाते हमको बहुत बुरा तरह से परेसान कर गया है. मकर संक्रांति के बाद त इहाँ बुझाया कि ठण्डा गायबे हो गया है, बाकी अचानके छब्बीस जनवरी को जो झमाझम पानी बरसा कि हमलोग का सांस्कृतिक कार्जक्रम त गडबडएबे किया हमरा तबियत भी तभिये से बिगड़ा हुआ है. जो हमरा...
Abhishek Kumar
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गली क़ासिम में आकर ,तुम्हारी ड्योढ़ी पे रुक गया हूँ मिर्ज़ा नौशा तुम्हे आवाज़ दूँ , पहले ,चली जाएँ ज़रा , परदे में उमराव , तो फिर अंदर कदम रखूँ चिलमची लोटा सैनी उठ गए हैं बरसता था जो दो घंटे को मेह छत चार घंटे तक बरसती थी उसी छलनी सी छत की , अब मरम्मत हो रही है सदी से क...
राजीव कुमार झा
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आँखों को लेकर बेहद संजीदा और उम्दा शायरी की गई है.तमाम नए और पुराने शायरों ने आँखों की भाषा पढ़ने की कोशिश की है और तरह तरह की उपमाएं दी हैं.जर्मन लेखक और कवि राइनर मारिया रिल्के की एक कविता है, जिसका अनुवाद रामधारी सिंह 'दिनकर' ने किया था.कविता कुछ इ...
शिवम् मिश्रा
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सभी ब्लॉगर मित्रों को सादर नमस्कार।।आज मशहूर शायर मिर्ज़ा ग़ालिब जी की 145वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर आपके समक्ष प्रस्तुत है उनके कुछ यादगार शेर -"हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे,कहते हैं ग़ालिब का है अंदाज़-ए-बयां और।""हमने माना के तगाफुल न करोगे लेकिन,ख़ाक हो...
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
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चित्र साभार : bhavtarangini.blogspot.com आज महान शायर मिर्ज़ा असदउल्लाह ख़ां ग़ालिब उर्फ़ नौशा मियां का 201 वां जन्मदिन 27 दिसम्बर, 1998 को महज़ एक रस्म अदायगी के रूप में मनाया गया। यह ग़ालिब की तौहीन नहीं, हमारी बदकिस्मती है जो हम अपने नामचीन शायर को उसकी कब्र पर एक फूल...
Deen Dayal Singh
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