ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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बीते दिनों से छुटकारा पाना आसान नहीं होता है. उन दिनों की बातें, उनकी यादें किसी न किसी रूप में सामने आ ही जाती हैं. ये यादें कभी हँसाती हैं तो कभी रुलाती हैं. दिल-दिमाग खूब कोशिश करें कि पुरानी बातों को याद न किया जाये मगर कोई न कोई घटना ऐसी हो ही जाती है कि इन या...
जेन्नी  शबनम
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धरोहर   *******   मेरी धरोहरों में कई ऐसी चीज़ें हैं   जो मुझे बयान करती हैं   मेरी पहचान करती हैं   कुछ पुस्तकें जिनमें लेखकों के हस्ताक्षर   और मेरे लिए कुछ संदेश है   कुछ यादगार कपड़े जिसे मैं...
जेन्नी  शबनम
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गुम सवाल   ******   ज़िन्दगी जब भी सवालों में उलझी   मिल न पाया कोई माकूल जवाब   फिर ठठाकर हँस पड़ी   और गुम कर दिया सवालों को   जैसे वादियों में कोई पत्थर उछाल दे।   - जेन्नी शबनम (26. 9. 2019)__...
 पोस्ट लेवल : व्यथा ज़िन्दगी
kumarendra singh sengar
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इधर कई महीनों से कुछ लिखने का मन नहीं हो रहा है. ब्लॉग पर किसी तरह की बंदिश नहीं है इसलिए कुछ न कुछ थोडा बहुत लिख देते हैं. इसी न लिखने की मानसिकता के चलते न तो समाचार-पत्रों में कोई आलेख भेजा है और न ही किसी पत्रिका में. इस दौरान लगातार पढ़ना हो रहा है. आदत भी ऐसी...
kumarendra singh sengar
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"ज़िन्दगी और मौत तो ऊपर वाले के हाथ हैं जहाँपनाह" कुछ इसी तरह के संवाद हैं किसी फिल्म में. उसमें एक सीन में ही व्यक्ति को उसकी ज़िन्दगी और मौत के बारे में समझाने की कोशिश की गई है. ऐसे ही बहुत से सीन और गीत हैं जिनमें ज़िन्दगी और मौत को लेकर तमाम दार्शनिक बातें कही गई...
 पोस्ट लेवल : मृत्यु ज़िन्दगी
जेन्नी  शबनम
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तमाशा  *******   सच को झूठ और झूठ को सच कहती है दुनिया   इसी सच-झूठ के दरमियाँ रहती है दुनिया   खून के नाते हों या किस्मत के नाते   फ़रेब के बाज़ार में सब ख़रीददार ठहरे   सहूलियत की पराकाष्ठा है   अपनों...
 पोस्ट लेवल : व्यथा समाज ज़िन्दगी
जेन्नी  शबनम
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कश   *******   "मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया   हर फ़िक्र को धुँए में उड़ाता चला गया"  रफी साहब ने बस गा दिया  देवानंद ने चित्रपट पर निभा दिया  पर मैं ? मैं क्या करूँ ?  कैसे जियूँ ?  कैसे मरुँ ?  हर क...
 पोस्ट लेवल : सिगरेट ज़िन्दगी
जेन्नी  शबनम
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क्षणिकाएँ (10 क्षणिका)   1.चुटकी   *******   एक चुटकी नमक   एक चुटकी सिन्दुर   एक चुटकी ज़हर   मुझे औरत करते रहे   ज़िन्दगी भर।   2. विद्रोही औरतें   *******   ...
जेन्नी  शबनम
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उधार   *******   कुछ रंग जो मेरे हिस्से में नहीं थे   मैंने उधार लिए मौसम से   पर न जाने क्यों ये बेपरवाह मौसम मुझसे लड़ रहा है   और माँग रहा है अपना उधार वापस   जिसे मैंने खर्च दिया उन दिनों   ज...
 पोस्ट लेवल : मौसम उम्मीद ज़िन्दगी
जेन्नी  शबनम
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आनन्दरविवार का दिन, अलसाया सा मन! मौसम बहुत सुहावना है। रात खूब बारिश हुई थी और अभी भी हल्की-हल्की फुहारें पड़ रही हैं। हम सुस्ती से उठकर चाय पी ही रहे थे। अचानक ख़याल आया कि क्यों न इस मौसम का आनन्द लेने हम लौंग ड्राइव पर चलें। लाल रंग की मारुति 800 से निकल पड़े हम ब...
 पोस्ट लेवल : आनन्द ज़िन्दगी