ब्लॉगसेतु

जेन्नी  शबनम
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रीसेट******* हयात के लम्हात, दर्द में सने थे   मेरे सारे दिन-रात, आँसू से बने थे   नाकामियों, नादानियों और मायूसियों के तूफ़ान   मन में लिए बैठे थे   वक़्त से सुधारने की गुहार लगाते-लगाते   बेज़ार जिए जा रहे थे&nb...
 पोस्ट लेवल : चिन्तन ज़िन्दगी
मधुलिका पटेल
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सरहदों से तुम्हारा आनापलाश के फूल की तरह वहीँ तो खिलते हैं उमीदों की तपती दोपहर में तुम आओगे तो न बहुत दिनों से कह तो रहे हो पर आने के तुम्हारे संदेशों में इंतज़ार मुझे हराता नहीं है वो ख़त्म होती ख़ुशी को रोज़ मैं खींच...
जेन्नी  शबनम
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बोनसाई ******* हज़ारों बोनसाई उग गए हैं   जो छोटे-छोटे ख्वाबों की पौध हैं   ये पौधे अब दरख़्तों में तब्दील हो चुकें हैं   ये सदा हरे भरे नहीं रहते   मुरझा जाने को होते ही हैं   कि रहम की ज़रा-सी बदली बरसती...
 पोस्ट लेवल : चिन्तन ज़िन्दगी
जेन्नी  शबनम
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ख़ाली हाथ जाना है ******* ख़ाली हाथ हम आए थे   ख़ाली हाथ ही जाना है !  तन्हा-तन्हा रातें गुज़री   तन्हा दिन भी बिताना है !  समझ-समझ के समझे क्यों   समझ से दिल कब माना है !  कतरा-कतरा जीवन छूटा ...
kumarendra singh sengar
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युवा फ़िल्मी कलाकार सुशांत की आत्महत्या ने सोशल मीडिया पर विमर्श का दौर आरम्भ करवा दिया. यह विमर्श उस दौर में आरम्भ हुआ है जबकि हमारा देश प्रतिदिन सैकड़ों मौतों को कोरोना वायरस से होते देख रहा है. यह विमर्श उस देश में शुरू हुआ है जहाँ इस लॉकडाउन के पहले तक हजारों-लाख...
kumarendra singh sengar
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लॉकडाउन 4 का अंत हुआ या समापन, ये सभी लोग अपने हिसाब से तय कर लें. आज एक जून से अनलॉक किये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. कुछ लोगों का ऐसा विचार बना हुआ था कि लॉकडाउन अभी बढ़ेगा. कुछ लोगों ने अब इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी कि अभी लॉकडाउन हटना नहीं चाहिए...
जेन्नी  शबनम
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कहा-सुनी जारी है*******पल-पल समय के साथ, कहा-सुनी जारी है   वो कहता रहता है, मैं सुनती रहती हूँ,   अरेब-फरेब, जो उसका मन, बोलता रहता है   कान में पिघलता सीसा, उड़ेलता रहता है   मैं हूंकार भरती रहती हूँ, मुस्कुराती रहती हूँ&nb...
 पोस्ट लेवल : चिन्तन ज़िन्दगी
जेन्नी  शबनम
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अनुभूतियों का सफर*******अनुभूतियों के सफ़र में   संभावनाओं को ज़मीन न मिली   हताश हूँ, परेशान हूँ   मगर हार की स्वीकृति मन को नहीं सुहाती   फिर-फिर उगने और उड़ने के लिए   पुरज़ोर कोशिश करती हूँ   कड़व...
 पोस्ट लेवल : ज़िन्दगी
शरद  कोकास
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आप में से ऐसा कोई नहीं होगा जिसने कभी ज़िंदगी के बारे में न सोचा हो । कोई कहेगा ज़िन्दगी एक पहेली है कोई कहेगा जीवन पानी का बुलबुला है ,जीवन एक उड़ती हुई पतंग है वगैरह वगैरह । जीवन के बारे में हर कवि ने दो चार पंक्तियाँ तो लिख ही डाली हैं । निदा फाज़ली साहब का मशहूर शे...
kumarendra singh sengar
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जैसा कि आप सबसे आज, 19 मार्च के लिए कहा था, ज़िन्दगी ज़िन्दाबाद का ऑनलाइन प्रकाशन आज से आरम्भ कर दिया है. ज़िन्दगी ज़िन्दाबाद से जुड़ने के लिए आपको इसके ब्लॉग पर जाना होगा या फिर इसके पेज पर. इसका प्रकाशन वहीं पर किया जायेगा. ब्लॉग और फेसबुक पेज की लिंक नीचे ह...