ब्लॉगसेतु

MediaLink Ravinder
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Thursday: 02 JAN 2020 5:41PM by PIB Delhiकिसी भी तरह की मदद, पूछताछ और शिकायत के लिए विशेष सुविधानई दिल्ली: 2 जनवरी 2020: (रेल मंत्रालय//पीआईबी//रेल स्क्रीन)::रेल से सफर के दौरान पूछताछ एवं शिकायत निवारण के लिए कई हेल्‍पलाइन नम्‍बर रहने के कारण यात्रियों...
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Yashoda Agrawal
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सादर अभिवादनदशहरे के बाद वाला दिनआज भाई रवीन्द्र जी को आना थाकाम-धन्धे की तरफ निकल पड़े शायद..चलिए कोई बात नहीं...हम तो हैं..चलिए चलें...रावण की गुहार ...मैं रावण हूँ लेकिनतुमने मुझे रक्तबीज बना दिया हैहर वर्ष जलाते हो मुझेऔर मैं हर वर्ष फिर नया जन्म लेता हूँफिर से...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। 16 मई साल का 136 वां दिन।  पाँच साल पहले आज के दिन ही सोलहवीं लोकसभा के परिणाम घोषित हुए थे इस बार लोकसभा चुनाव परिणाम 23 मई को घोषित होंगे। 19 मई को चुनावों का अंतिम चरण है जब कीचड़-स्नान के बाद शाम को...
 पोस्ट लेवल : 1399
kuldeep thakur
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सखी पम्मी जी मुम्बई प्रवास पर हैंआज का ये अंक हममें से कोई भी प्रस्तुत कर देतापर नहीं न कर रहे हैंहम अपनी नित्य की पाठिका व रचनाकारको अतिथि चर्चाकार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैंअतिथि चर्चाकर हैं सखी मीना जी.."मीना भारद्वाज" जी की लेखनीब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान...
 पोस्ट लेवल : 1398
kuldeep thakur
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सादर अभिवादन..मातृ-दिवस कल हो गयासभी माताएँ आज पूर्ववत्अपनी दिनचर्या मे रत हो गईबातें हो रही हैं आज भीकल की...किये हुआ..वो हुआपर जो हुआ सो हुआचलिए चलें रचनाओं की ओरमाँ सी रज़ाई ~ हाइकुमाँ को खोयायूँ लगता है जैसेजीवन खोया।कहीं भी रहोतुम सदा हो मेरी -अंतर्मन माँ।असीम...
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kuldeep thakur
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स्नेहिल अभिवादन....------★★★★★★ गुलमोहर के खूबसूरत रंग जुटाने के लिएआदरणीया यशोदा दी का हृदयतल से विशेष आभार।---गुलमोहर के विषय में मैं क्या कहूँबस इतना ही-आप गुलमोहर के रंग को, उसके मनमोहक छाँव को,उसकी नरम पत्तियों को,कलियों ,दिलकश फूलों को अगर महसूस करन...
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kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी......'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गदपि गरीयसी।'(अर्थात, जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है।)'नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः।नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।।'(अर्थात, माता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नही...
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kuldeep thakur
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ख़यालों में ही उड़कर पाँव छू आता हूँ चुपके सेकि माँ से मिलने में आड़े कोई दूरी नहीं आती !~~~||~~||आ गया हो कितना भी बदलाव रिश्तों में भले हीआज भी रहती है जन्नत माँ के पदचिन्हों के नीचे !@-कमलेश भट्ट कमल सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषजिन्दगी में बातें हों जिन्दगी कीतयशुदा म...
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kuldeep thakur
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स्नेहिल अभिवादन-------गरमी के मौसम के दस्तक के साथ हीकुछ नारे बुलंद हो जाते हैं।"बिन पानी सब सून""जल ही जीवन है""पानी की एक भी बूँद कीमती है"इन नारों कोमौसम के अनुरूप स्लोगन बनाकर आत्मसात करने की आवश्यकता है।पानी के बिना धरती पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। है तल्ख़ियों का दौर यह बचकर निकल न पाओगे,आपस में जिरह ज़हरीली हुई बच्चों को क्या सिखाओगे?  -रवीन्द्र वो लाल रंग की चूड़ियां...!!!..... सुषमा वर्मा मेरे पास चूड़ियां तो और भी रंगों की है,पर ना जाने क्यों,ये लाल रंग की&nbs...
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