ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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फोटो माध्यम : अभिषेक श्रीवास्तव Nupur Sharma showcases the mirth, pathos and sparkle that represented Hindi  :  मधुबाला जब मात्र  नौ वर्ष  की ही थीं  तब उनके पिता  अताउल्लाह  साहब का सम्पूर्ण व्यवसाय  चौपट हो गया  &...
Shahid Ajnabi
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देखा जाए तो हर दिन मुहब्बत का है, जिस दिन में मुहब्बत नहीं वो दिन कैसा ? शायद हम और आप ऐसी दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकते , जहाँ मुहब्बत न हो, प्यार न हो, अहसास न हों, संवेदनाएं न हों. और अगर एक दिन मुक़र्रर कर भी दिया प्यार के लिए तो ठीक सही. अगर एक ख़ास दिन के बह...
sahitya shilpi
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Krishna Kumar Yadav
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वसंत का मौसम आ गया है। मौसम में रूमानियत छाने लगी है। हर कोई चाहता है कि अपने प्यार के इजहार के लिए उसे अगले वसंत का इंतजार न करना पड़े। सारी तैयारियां आरम्भ हो गई हैं। प्यार में खलल डालने वाले भी डंडा लेकर तैयार बैठे हैं। भारतीय संस्कृति में ऋतुराज वसंत की अपनी महि...