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Yashoda Agrawal
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सादर अभिवादनअक्टूबर जाने को है तत्परजाने दो हमें क्यालाया तो कुछ नहींपर जेबें ढीली कर के जा रहा हैहोने दो हमें क्याचलिए रचनाओँ की ओर..चलनी में चाँद.... साधना वैदकरवा चौथ की सभी बहनों को हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाई ! कल करवा चौथ का त्यौहार है ! उत्तर भारत में...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। भेजा है आकाँक्षाओं को लपेटकर हमने चंद्रयान-2 अपना,लिख रहा भारत नई इबारत सच होगा एक और सपना। -रवीन्द्र आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें- सुनो चाँद !-- कविता.......रेणुबाला बहुतभ...
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kuldeep thakur
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।।उषा स्वस्ति।।फूटा प्रभात‚ फूटा विहान!बह चले रश्मि के प्राण‚ विहग के गान‚ मधुर निर्झर के स्वरझर-झर‚ झर-झर धीरे-धीरेलो‚ फैल चली आलोक रेखधुल गया तिमिर‚ बह गयी निशा;चहुँ ओर देख‚धुल रही विभा‚विमलाभ कान्तिसस्मित‚ विस्मित‚खुल गये द्वार‚हँस रही उषा!!भारत भूषण अग्रवाल&nbs...
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kuldeep thakur
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स्नेहिल अभिवादन--------सोमवारीय विशेषांक में आप सभी कास्वागत है।आइये महसूस करें एहसास के विविध रूपों को-★एहसास------जीवन के बेढब कैनवास परभावों की कूची सेउम्रभर उकेरे गयेचेहरों के ढेर में ढूँढ़ती रही एहसास की खुशबू धूप ,हवा ,पानी, ...
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kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी......पतझड़ दिया था वक़्त ने सौगात में मुझेमैने वक़्त की जेब से ‘सावन’ चुरा लियासादर अभिवादन.....अब पेश है.....मेरी पसंद के कुछ लिंक.....मुक्तक : - फाड़कर कुछ आपके वहाँ का , कुछ मेरे भी यहाँ का ,जानूँ न कैसा-कैसा ,जाने कहाँ-कहाँ का ?आँखों से अपनी चुन-...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। प्रश्न को उत्तर से निकलते देखा है, कहाँ रहती आयी ग़रीबी की रेखा है,अवसर की तलाश में बैठे मत रहना, मत कहना कारवाँ गुज़र गया मैंने नहीं देखा है!  -रवीन्द्र  आइए आपको अब आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-क्या छोडूं और क्या बा...
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kuldeep thakur
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स्नेहिल अभिवादन--------अतिवृष्टि से बेहाल देश के पाँच राज्यों के निवासी बाढ़ की मार झेल रहे हैं।हम रटा रटाया वही प्राकृतिक आपदा को दोष देकर सारा ठीकरा नियति के सर फोड़ देते हैं।बाढ़ से पीड़ित जन-जीवन की व्यथा समझने का ढ़ोंंग करने के सिवा हम करते ही क्या है।एक...
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kuldeep thakur
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।।भोर वंदन।।पकी जामुन के रँग की पागबाँधता आया लो आषाढ़ !उड़ गयी सहसा सिर से पागछा गये नभ में घन घनघोर! छुट गई सहसा कर से पाग-बढा आँधी पानी का जोर!लिपट लो गई मुझी से पाग,झूमता डगमग पग आषाढ़!पंडित नरेंद्र शर्मा सुबह सवेरे की छंद युक्त रचनाओं के साथ आज की लि...
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kuldeep thakur
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स्नेहिल अभिवादनमर गई गइया...........बछिया की भी गर्दन मरोड़ फेंक आया मंदिर के पिछवाड़े... अब कलेजे में पड़ी थी ठंढकउधर औरत की लाश तैर रही थी कुंए में और मंदिर के पिछवाड़े एक मरा बच्चा मिला था ...पुलिस छानबीन कर रही थी और रघु साधू के भेष में घूम रहा था वृ...
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kuldeep thakur
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।।शुभ सवेरे।।गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ भावार्थ :गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु ही शंकर है; गुरु ही साक्षात् परब्रह्म है; उन सद्गुरु को प्रणामआदरणीय डॉ. सर्वपल्ली राधा...
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