ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
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सादर अभिवादन।  भाषा भाव विचार हुए अभिव्यक्ति,कमरे में रखा ग्लोब देख रहा व्यक्ति।-रवीन्द्र आइए पढ़ते हैं कुछ चुनिंदा रचनाएँ गुरुवारीय प्रस्तुति में-  सर्दी की रात....... साधना वैद  आँसू की बूँदें तारों...
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kuldeep thakur
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अक्सर ऐसा ही होता हैरचनाएँ लिखते हैंफिर व्यस्त हो जाते हैऐसा ही एक ब्लॉग है येरचनाएँ सुन्दर है..आप भी पढ़िए..शायद भूले-भटके फिर चालू हो जाएये ब्लॉग...वीरान रास्ता ....लोग  जाते  जाते मिटा  जाते  हैंअपने  निशाँयादों  के  धुंधल...
 पोस्ट लेवल : 1607
kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी.....एक के बाद एक रेप की घटना.....कभी हैदराबाद में....कभी उनाव में.....कभी तो  दोषी भाई ही......कभी पिता भी हैवान निकलता है.....जब घर में ही बेटी सुरक्षित न हो......बेचारी को संरक्षण कहां मिलेगा......हैदराबाद का ईनकौउंटर भी कहीं.....बड़े लोगों क...
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kuldeep thakur
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आप सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषविभा रानी श्रीवास्तव· हो गया न्याय... ऐसी ही न्याय की चाहत... तो बननी चाहिए प्याजी.. पर... चार सूने कोख के लिए दुःख है...Vishwamohan Kumar बधाई!!! हैदराबाद पुलिस!!!Sujit Srivastavaकारण चाहे जो भी रहा हो...हैदराबाद के हैवानों को...
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kuldeep thakur
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शुक्रवारीय प्रस्तुति मेंआपसभी का स्नेहिल अभिवादन।--–-----ये अंतरात्मा क्या होती है माँ?बिटिया ने एक कहानी पढ़ते-पढते पूछा। 'मन' मैंने कहा। 'मन' का मतलब क्या?उसने पूछा! "मन जो दिमाग से अलग होता है।बुद्धि-विवेक,छल-प्रपंच से अलग जिसकी ध्वनि सुनी जा सकती...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। मैं तुम्हें आज ललकार रहा हूँ हो सके तो चुनौती उठा लेना,हैवान नहीं अब इंसान बनो हो सके तो रोते को हँसा देना। -रवीन्द्र   आइए अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-अपने-अपने दर्द......मीना शर्मा  एक बार...
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kuldeep thakur
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।। उषा स्वस्ति।।" कोई भी तो नहीं दूध का है धुलाहै प्रदूषित समूचा ही पर्यावरणकोई नंगा खड़ा वक्त की हाट मेंकोई ओढ़े हुए झूठ का आवरणसभ्यता के नगर का है दस्तूर येइनमें ढल जाइए या चले आइए। "जगदीश व्योमइनमें ढल जाइए या चले आइए..उपर्युक्त शब्द वर्तमान परिप्रेक्ष्यों को सम...
 पोस्ट लेवल : 1601
kuldeep thakur
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सादर अभिवादनहमारा आज का अंक क्रमांक हैजलता हुआ अंकठण्ड काफी हैलोग बचने के लिए किसी भी वस्तु को जला देते हैंचाहे वो लड़की ही क्यों न होपढ़िए एक पुरानी रचना किताबें ही बोलती हैंपुरानी किताबेंआज की सच्चाई भी जानती हैपढिए आज एक बंद ब्लॉग सेलाई गई रचनाएँ......ब्लॉग...
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Yashoda Agrawal
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सादर अभिनन्दनअंततः दीपावली का समापन हुआदीपक की बुझी लौ में गर्मी जब तक हैदीपावली रहेगी..आज की प्रस्तुति में विशेषश्रीलंका निवासी मेरी फेसबुक मित्रदुल्कान्ति समरसिंह ने नया ब्लॉग लिखना प्रारम्भ किया हैआज की प्रस्तुति की पहली रचना उन्हीं के ब्लॉग सेसृजन महोत्सव...
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kumarendra singh sengar
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अपने ब्लॉग के सहारे आप सभी से जुड़ने का प्रयास हमेशा से रहा है. ब्लॉग के दिन ऐसा लगता है जैसे किसी अन्य माध्यम ने छीन लिए. हमें याद है जब हम ब्लॉग जगत में एकदम से नए-नए आये थे तब किसी भी तरह की सहायता मांगने पर वरिष्ठ ब्लॉगर द्वारा तत्कालीन सहायता उपलब्ध कराई जाती थ...