ठण्डा का मौसम जाते-जाते हमको बहुत बुरा तरह से परेसान कर गया है. मकर संक्रांति के बाद त इहाँ बुझाया कि ठण्डा गायबे हो गया है, बाकी अचानके छब्बीस जनवरी को जो झमाझम पानी बरसा कि हमलोग का सांस्कृतिक कार्जक्रम त गडबडएबे किया हमरा तबियत भी तभिये से बिगड़ा हुआ है. जो हमरा...