ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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सादर नमस्कार...देवी जी घाट की ओरप्रस्थान की तैय्यारियाँ कर रही हैआज हम हैं अपनी पसंदीदा रचनाएँ लेकर...पर्व, प्रगतिशीलता और हमजब मैं कॉलेज के दिनों में थी तब पहली बार नाम सुना था छठ पूजा का. एक दोस्त के घर से आया प्रसाद खाते हुए इसके बारे में थोड़ा बहुत जाना था. नदी...
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kuldeep thakur
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सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषउछले कूदेकोलाहल मचायेसोने जा रहेसब रखे ताक पेबेसुध वाली नींदगिले शिकवेस्पर्द्धा सत्यापनीयउजड़े नींदभोर में भिड़ने कोशिद्दत से जीने कोएक मौन हैंसपनों का पुकारनिष्प्रयोजनसंग्राम प्‍यारी नींदनसीब कारस्तानीस्नातक स्तरनहीं भी...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादनअब डर सा लगता हैकि आप सब मिलकर मुझेपाँच लिंकों के आनन्द सेनिकाल बाहर न कर देंक्योंकि मेरी पसंदीदारचनाएँ कुछअजीबो-गरीब सीलगने लगी है आप सब कोबहरहाल चलते हैं फिर से अजीबो-गरीब कड़ियों की ओर..प्रतीक माहेश्वरी कथनकाला अँधा सा ये जीवन, कैसा है यह बिका बिका?क...
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ऋता शेखर 'मधु'
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आज हमारे साथ जुड़ रही हैं सुपरिचित हाइकुकार आदरणीया सीमा स्मृति जी...धूप का आना...पंछियों का चहचहाना...इसी विषय पर देखते हैं उनके सुन्दर हाइकु हाइगा की नजर से|हाइकु भेजने के लिए सीमा जी का हार्दिक आभार|सारे चित्र गूगल से साभार
ऋता शेखर 'मधु'
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शिव विवाहविवाह की रस्मबदन पर भस्मसिर पर जटाअलबेली छटादहकते भालकमर में छालसर्प का हारबैल पर सवारऐसो सिंगार कियो शिव नेपरछावन को आह्लादित माताजहरीली फुफकार परविस्फरित नयनों से मूर्छित हुई जाती है|बराती बन चलेभूत-बिच्छु-प्रेतकरें गज़ब का शोरअज़ब बोल समेतखड़काते करतालड...