ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
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सादर अभिवादनघूमते-घूमतेआज फिर एक बन्द ब्लॉग पर नज़र गईभावुक हो गई मैंउस ब्लॉग का नाम हैआई लव्ह यू माँऔर तआज़्ज़ुब..सारी रचनाएं माँ पर ही आधारित हैचुन लाई हूँ कुछ रचनाएं..(1)बहू ने आइने में लिपिस्टिक ठीककरते हुऐकहा -:"माँ जी, आपअपना खाना बना लेना,मुझे और इन्हें आज ए...
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kuldeep thakur
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सोमवारीय विशेषांक मेंआप सभी का स्नेहिलअभिवादन---///---"अंधा बाँटें रेवड़ी पुनि-पुनि अपने को देवे"एक लोकोक्ति जिसमें निहित अर्थ स्वार्थी और भ्रष्टाचारी परिदृश्य को उजागर करता है।अंधा बनकर रेवड़ियाँ बाँटने की परंपरा का कोई सटीक इतिहास तो ज्ञात नहीं है किंतु मेरा ऐसा अन...
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kuldeep thakur
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सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषऑडियो : अंतिम चित्र'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में पांडेय बेचन शर्मा उग्र की कथा मूर्खा का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आ...
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kuldeep thakur
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शुक्रवारीय अंक मेंआप सभी कास्नेहिल अभिवादन------रांगेय राघव17जनवरी 1923 - 12 सितंबर1962---------हिंदी,अंग्रेजी,ब्रज और संस्कृत के ज्ञाता "तिरूमल्लै नंबाकम वीर राघव आचार्य।"कहानी, उपन्यास, आत्मकथा, रिपोर्ताज जैसी विधाओं के ज्ञाता, हिंदी साहित्य को  समृद्ध...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादन। बच्चे ने कहा-मुझे पुस्तकालय ले चलो,पिता ने कहा-ऑनलाइन पढ़ो!अब सड़क सुरक्षित नहीं। -रवीन्द्र सिंह यादव आइए अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-मोहिनीअट्टम......प्रोफ़ेसर गोपेश मोहन जैसवाल पद-धारी साहित्यकार की लीला, अपरम्पार है,...
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kuldeep thakur
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।।उषा स्वस्ति।।"प्रात नभ था बहुत नीला शंखजैसे भोर का नभ,राख से लीपा हुआ चौकाबहुत काली सिल जरा-से लाल केशर सेकि धुल गयी हो...नील जल में या किसी की गौर झिलमिल देह जैसे हिल रही हो...और...जादू टूटता है इस उषा का अबसूर्योदय हो रहा है..!!"- शमशेर बहादुर सिंहसूर्य उपासना...
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kuldeep thakur
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सादर अभिवादनमंगल की प्रस्तुति कोबनाना भारी पड़ता हैविषय पर दिमाग काफी लगता हैऔर वो है नही हमारे पासफिलहाल चलें रचनाओं की ओर ...कैसे जीवन जीना हो? ....श्वेता सिन्हाआशाओं के दीप बुझा केकैसे जीवन जीना हो...?जर्जर देह के आवरण केशिथिल हिया के आचरण केअवशेष बचे हैं झँझरी...
 पोस्ट लेवल : 1642
kuldeep thakur
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सोमवारीय विशेषांक में आप सभी कास्नेहिल अभिवादन------चोटकिसी वस्तु से टकराने,गिरने,फिसलने आदि से जो पहुँचने वालाआघात,पीड़ा या निशान को कहते हैंं।चोट के अनगिनत प्रकार हैंं शारीरिक हो या मानसिक,छोटी अथवा बड़ी चोट सदैव दुखद अवस्था के लिये परिभाषित की जाती है।सक...
 पोस्ट लेवल : 1641 चोट
kuldeep thakur
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सादर अभिवादन।                  आज दुनिया में सनातन / वैदिक / हिंदू धर्म का मर्म विस्तारित करने वाले महान संत स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिवस है। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है...
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Yashoda Agrawal
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सादर अभिनन्दनव्रती महिलाओँ काउनकी सारी मनोकामना पूर्ण होइसी प्रत्याशा के साथ देखिए आज की रचनाएँप्यास ... पुरुषोत्तम कुमार सिन्हाहुई है, प्यास कैसी ये सजग? है जो, पानी से अलग! घूँट, कितनी ही पी गया मैं! प्यासा! फिर भी, कितना रह गया मैं! तृप्त, क्...
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