ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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सादर अभिवादन..आप बोर तो नहीं हो रहे हैंलगातार हम ही हम हैंअगर हो भी गए तो क्यानहीं हुए तो वाह-वाह...रचनाएँ कुछ यूँ है...पराई साँस ...मन-मर्जी ये साँस की, वो चले या रुके! हूँ सफर में, साँसों के शहर में! इक, पराए से घर में! पराई साँस है, जिन्दगी के दो-...
 पोस्ट लेवल : 165
kuldeep thakur
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तृष्णा का अर्थ प्यास, इच्छा या आकांक्षा से है। सांंसारिक बंधन के जन्म से मृत्यु तक के चक्र में मानव जीवन की कथा लिखी जाती है।  मनुष्य को इस मायावी जग से बाँधे रखने के लिए काम,क्रोध,लोभ,मोह और अहंकार जैसे भावों होते है। मनुष्य मन में पनपे वि...
 पोस्ट लेवल : 1165 तृष्णा
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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ताजमहल  को  देखते आगरा  क़िले  में क़ैद  शाहजहां  ने शायद  ये  भी  सोचा  होगा.........  ( मुग़ल  बादशाह  औरंगज़ेब  अपनी  क्रूरता  के लिए  कुख़्यात  हुआ।    दारा...
kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी...आज हम  जिस नव वर्ष की प्रतीक्षा कर रहे हैं...  वह नए कैलेंडर के अलावा और क्या है?...पर चलो कुछ भी हो...एक वर्ष तो बदल रहा ही है...  दो दिन बाद हम 2016 में प्रवेश कर जाएंगे...हम उमीद कर सकते हैं कि आने वाला नव वर्ष जरूर कुछ नई सौगाते...
 पोस्ट लेवल : 165
ऋता शेखर 'मधु'
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पतझर के बाद बसंत...फिर तपती गर्मी...थोड़ी देर हो गई पतझर के हाइगा बनाने में...आइए देखते हैं पतझर के हाइकुओं को हाइगा की नजर सेचित्र गूगल से साभार
ऋता शेखर 'मधु'
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स्वर्ग अप्सरागुलमोहर चुन्नीओढ़ के आई|१|लाल सितारेहरी चुनरी परलगते प्यारे|२|धरा की गोदकरते अठखेलीस्वर्ग के फूल|३|तपी धरतीलाल अँगार बनागुलमोहर|४|लावण्य भराअँखियों का सुकूनगुलमोहर|५|सर्पीली पत्तीनरम मुलायमअदा दिखाए|६| तपिश भूलाताज़गी से झूमतादेता संदेश|७|रब ने भे...