ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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सादर अभिवादन..आज-कल ये देखा जा रहा हैलोग आलोचक और समीक्षकबनने की होड़ पर लगे हैंलेखक लिखता हैं..वहअपने मन में उपजे भावों कोअपनी कलम की सियाही कोरे कागजों पर और..उसेसंतुष्टि होती है..खैर लिखता कोई है..औरपढ़ता कोई और है....हमारा काम है कि उन रचनाओं कोआपके स...
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kuldeep thakur
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आज के दिन भारतमाता फूली नहीं समाती, उनकी गोद को धन्य करने भगत सिंह जैसा सपूत जो आँचल में आया था।-*-*-*-सुप्रभातम्चलिए आज हम साहित्य सिंधु कीएक मीठी निर्झरी की कुछ बूँदों काआस्वादन करते हैं।आज पढ़ते हैंजयशंकर प्रसाद जी की कुछ रचनाएँ,आप भी आनंद लीजिए★बीती वि...
 पोस्ट लेवल : 1169
kuldeep thakur
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जय मां हाटेशवरी...नई आशाओं और नए सपनों के साथ पूरे धूम धाम से साल 2016 का आगाज हो गया है...हम कामना करते हैं कि नव वर्ष का हर दिन आप सब के लिये केवल खुशियों  भरा हो...नया सवेरा नयी किरण के साथ...नया दिन एक प्यारी सी मुस्कान के साथ...आपको नया साल मुबारक हो ढेर...
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ऋता शेखर 'मधु'
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पूनो की रात आती जबसमंदर क्युँ मचल जाता हैराज़े-दिल बयाँ करने कोवह भी तो उछल जाता हैखामोश चाँद ने कुछ कहाफिर से वह बहल जाता हैकभी बहाने से सैर केलहरों पे निकल जाता हैसुनने प्रेमी दिल की व्यथाकूलों पर टहल आता हैकरुण कहानी मुहब्बत कीसुनकर वह पिघल जाता हैसमेट अश्कों की...