ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
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सादर अभिवादन..चार दिन हो गएसाल के गुज़रेनयापन जैसा तोनही आया नज़र..आएगा धीरे से...हमें तो चलना ही है..." गुलदस्ता -ए-गज़ल" ...सागर की लहरेंगरीबों से मोहब्बत भगवान की इबादत हैमां बाप की दुवाएं जिन्दगी की अमानत है।।अपने स्वाभिमान को सर्वदा जगाए रखनाजन्मभूमि की मिट्टी...
 पोस्ट लेवल : 1998
kumarendra singh sengar
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भारतीय प्रतिभा पलायन से प्रधानमंत्री भी अब चिंतित हैं. ग्यारह भारतीय वैज्ञानिकों को सम्मानित किये जाने के अवसर पर उनकी चिंता सामने आई. प्रत्येक सरकार को प्रत्येक अलंकरण समारोह के दौरान ही प्रतिभा पलायन की चिंता सताती है. प्रतिभाओं का देश को छोड़ कर विदेशों को गमन कर...
kumarendra singh sengar
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यदि आपसे पूछा जाये कि देश बड़ा या पैसा तो संभव है कि शेखी मारने के लिए आप देश को बड़ा कर दें. वैसे कुछ लोग अभी भी ऐसे हैं जो कि वाकई देश प्रेमी हैं और कुछ ऐसे हैं जो वाकई धन प्रेमी हैं. लेकिन जब कभी स्थिति ऐसी फँस जाए कि देश बंधन के बीच की ही स्थिति आ जाये तो शायद कु...
 पोस्ट लेवल : अमर उजाला खास ख़त 21-10-1998
kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों अमेरिका द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने वाले कतिपय देशों के खिलाफ बमबारी की गई. समूचे विश्व में इस तानाशाहात्मक रवैये का विरोध किया गया. भारत ने बड़े ऊँचे सुर में इस कार्यवाही का समर्थन किया कि वह आतंकवाद के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों का समर्थन करता है. इस...
kumarendra singh sengar
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जिस तरह की स्थितियाँ देश में, प्रदेश में बन रही हैं वे सारी की सारी किसी न किसी रूप में गृहयुद्ध की पृष्ठभूमि तैयार कर रही हैं. विदेशों में हुई क्रांतियाँ इस तरह के सामाजिक वातावरण के बाद ही उत्पन्न हुई थी, जैसी कि स्थितियाँ भारतीय समाज में बन-बिगड़ रही हैं. यह बात...