ब्लॉगसेतु

Tejas Poonia
379
प्रेमचंद कहते हैं कि साहित्य समाज का दर्पण है किन्तु फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप का कहना है कि सिनेमा भी समाज का दर्पण है। साहित्य के प्रथम पुरोधा भारतीय संस्कृति के अनुसार माना जाए तो वेद व्यास जी को माना जाता है और वही स्थान भारतीय सिनेमा की दृष्टि मे...
jaikrishnarai tushar
232
महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश से पुरस्कार ग्रहण करते हुएमहामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश से पुरस्कार ग्रहण करते हुएदिनाँक 30-12-2018 को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के सभागार में मुझे महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्री राम नाईक जी के द्वारा बलवीर सिंह रंग सर्जना पुरस्का...
 पोस्ट लेवल : award 2017
मंजू रानी
694
गत 14 सितम्बर 2017 को दिल्ली विश्वविद्यालय का 94 वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. जिसमें मंजू रानी को  'विद्यावाचस्पति' की उपाधि प्रदान की गयी. समारोह की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत हैं.     
Jot Chahal
79
Dheeraj Dharah Hamhoo Bekaraar HaiTu Hamaar Jaan Hau Ta Ham TohaarPyaar Hai Biswash Rakheeha AapnaPyaar Peh Kasam Sey Kahiley Humtohaar Hai.Kahe gun gunailu jab gave ke na rahe,kahe rowailu jab hasave ke na rahe,Aaj aansu pochhat bani ago prasn bankekahe kailu moha...
 पोस्ट लेवल : ♥ Love Shayari ♥ Bhojpuri TOP-2017
Yashoda Agrawal
10
तन्हाई में बिखरी खुशबू-ए-हिना तेरी है।वीरान खामोशियों से आती सदा तेरी है।।अश्क के कतरों से भरता गया दामन मेरा।फिर भी खुशियों की माँग रहे दुआ तेरी है।।अच्छा बहाना बनाया हमसे दूर जाने का।टूट गये हम यूँ ही या काँच सी वफा तेरी है।।सुकून बेचकर ग़म खरीद लाये है तुमसे।लगाय...
 पोस्ट लेवल : गोल्ड फरवरी 2017
अमितेश कुमार
175
lassanwalaकला माध्यमों में रंगमंच अपने समय में सबसे सशक्त हस्तक्षेप करता है क्योंकि यह वर्तमान की कला है और   इस पर प्रासंगिक होने का दबाव भी बहुत है लेकिन प्रस्तुति दर प्रस्तुति हम देखते हैं कि रंगमंच बिना किसी सुनयोजित दृष्टि के हो रहा है,  करने वा...
 पोस्ट लेवल : delhi theatre Theatre in 2017
Roli Dixit
159
शिवम् मिश्रा
3
नमस्कार साथियो, आजकल समाज में कुछ ऐसा चलन देखने को मिल रहा है कि जिसे देखो वो खुद को ही एकमात्र बुद्धिमान समझ रहा है. सामने वाले को उसने जन्मजात बेवकूफ समझ रखा है. राजनीति हो, व्यवसाय हो, नौकरी हो या फिर कोई अन्य क्षेत्र सभी में सब अपनी-अपनी ढपली पीटने में लगे हैं....