ब्लॉगसेतु

रणधीर सुमन
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रणधीर सुमन
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रणधीर सुमन
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शिवम् मिश्रा
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सुषमा वर्मा की कलम से , मेरा परिचय तब तक अधूरा है जब तक मै अपने माता पिता का जिक् ना कर लूँ आज मै जो कुछ भी हूँ इनके ही त्याग और कठिन संघर्ष के कारण ही हूँ इनके ही दिये आर्शीवाद और दिये संस्कारो से ही आज मैने अपनी पहचान बनायी है..!!!!........... रंग तितलि...
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शिवम् मिश्रा
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कथाओं से बच्चों  जोड़ते हुएहम अनजाने ही सही उन्हें किसी अनसुलझे प्रश्न से बाँध देते हैं !बचपन अपनी उम्र के अनुसार सोचता है चिंतन उसकी नरम मुलायम मिट्टी को कौन सा पुख्ता रूप देगी - कौन जाने !!!अंशुमाला के इस विचार से आज मिलते हैं -अच्छी कहानियों क...
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शिवम् मिश्रा
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पल्लवी त्रिवेदी कुछ एहसास - bloggerलिखना खुद को ढूँढने जैसा महसूस कराता है हमेशा....कई बार लिखने के बाद खुद को बदला बदला सा पाती हूँ तो कभी अपने अन्दर छुपे हुए जज्बातों का बाहर बह निकलना हैरत में डाल देता है! बदलते मूड के साथ अपने अन्दर बैठे कई इंसानों को महसू...
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शिवम् मिश्रा
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बुलेटिन के कदम हैं फेसबुक के पन्नों पर, सोच रही हूँ, इनका कोई ब्लॉग क्यूँ नहीं है !शैलजा पाठक, रोजमर्रा के ख्यालों पर शब्दों का दोहर डालते हुए शयद खुद नहीं जानती कि उन्होंने कितने घरों में चिंगारी रखी है !......... https://www.facebook.com/shailja.pathak.5जब ड...
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शिवम् मिश्रा
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सच  ... कड़वा हो या मीठा, सच है क्या ?वह जो बोल दिया गया या वह जिसमें कुछ कतरे हलक में रह गए, या वह जो दीवारों में चुन दिया गया, जो सुरंग से निकल गया किसी और देश में अजनबी की तरह !क्या सच में सच लिखा होता है चेहरे पर ? और  ... वाकई जो पढ़ लिया गया, वह...
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शिवम् मिश्रा
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फ़िज़ूल टाइम्स - bloggerसबकुछ कितना निरर्थक लगने लगा है कितने एकाकी हो गए हैं व्यस्त होकर हम माता-पिता ने पढ़ाया खूब नाम कमाओ हर ऊंचाई को पाओ ऊंचाई पर गए तो वे नीचे रह गए अब शिकायतों का समंदर है आगे ... !!!डॉ राजीव जोशी से मिल...
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शिवम् मिश्रा
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ख़्वाबों, ख्यालों की तहरीरें लिखी जाती रही हैं, लिखी जाती रहेंगी यादों की पोटली से कुछ ख़ुशी, कुछ उदासी निकलती रहेगी  ... आज हैं हमारे साथ गिरीन्द्र नाथ झा अनुभव: यादों की पोटली झिंगुर की 'झीं-झीं'  और गिरगिट की 'ठीक-ठीक' आवाज़ को भ...
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