ब्लॉगसेतु

Roshan Jaswal
181
सरदार वल्लभभाई पटेल से हम सभी परिचित हैं। देश की आजादी की लड़ाई और उसके बाद यहां की अलग-अलग रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने को लेकर उनके अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके जीवन से जुड़ा एक किस्सा है। सरदार पटेल फौजदारी के वकील थे। उनका सिद्धांत था कि निर...
 पोस्ट लेवल : इतिहास
संजीव तिवारी
78
आधुनिक संदर्भो में हरेली छत्‍तीसगढ में पर्यावरण जागरण के हेतु से मनाया जाने वाला त्‍यौहार है पर जडो तक फैले अंधविश्‍वास के कारण अधिसंख्‍यक जनता के लिये यह त्‍यौहार तंत्र मंत्र एवं तथाकथित अलौकिक ज्ञान के 'रिवीजन' का त्‍यौहार है. इस संबंध में राजकुमार जी नें पिछले द...
संजीव तिवारी
298
आधुनिक संदर्भो में हरेली छत्‍तीसगढ में पर्यावरण जागरण के हेतु से मनाया जाने वाला त्‍यौहार है पर जडो तक फैले अंधविश्‍वास के कारण अधिसंख्‍यक जनता के लिये यह त्‍यौहार तंत्र मंत्र एवं तथाकथित अलौकिक ज्ञान के 'रिवीजन' का त्‍यौहार है. इस संबंध में राजकुमार जी नें पिछले द...
Roshan Jaswal
181
राजा वसुसेन को ज्योतिष पर अंधश्रद्धा थी और वे अपने ज्योतिषी से मुहूर्त जाने बिना कोई काम नहीं करते थे। जब यह बात राजा के शत्रुओं तक जा पहुंची तो वे ऐसे वक्त हमले की योजना बनाने लगे, जिसमें प्रतिकार का मुहूर्त न बने। एक बार राजा देशाटन पर निकले। साथ में हमेशा की तरह...
 पोस्ट लेवल : धर्म आस्‍था
संजीव तिवारी
78
केन्‍द्रीय कानून मंत्री एम.बीरप्‍पा  मोईली की लिखी पुस्‍तक 'रामायण पेरूथेदलै' का विमोचन करते हुए तमिलनाडु के यशश्‍वी (?) मुख्‍यमंत्री एवं पोन्नेर-शंकर के लेखक एम.करूणानिधि नें 'प्राण जाई परू वचनु न जाई' जैसे प्रण लेते हुए कहा कि 'मैं बचपन में ही रामायण का आलोच...
Ravindra Prabhat
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अग्नि हिन्दी में तत्सम के रूप में प्रयुक्त होने वाला शब्द है , जिसका अर्थ होता है आग । यह एक मूलभूत पदार्थ और भारतीय परम्परा की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है । ऋग्वेद का आरंभ एक श्लोक से होता है , जिसमें अग्नि का आह्वान किया गया है । अग्नि सभी प्रकार की उर्जाओं का प्रत...
 पोस्ट लेवल : Alphabet-A अलफाबेट- अ
S B Singh
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आइये आज हैं गु़लाम अली साहब को। अस्सी के दशक में जब गज़लें सुनने (और सुनाने का भी) जूनून सा था तब जिन गायकों को सुन एक मदहोशी की सी स्थिति रहती थी उन में एक नाम गुलाम अली का भी है। उस्ताद मेहंदी हसन, जगजीत सिंह और गु़लाम अली इन तीन गायकों की ग़ज़लों का खुमार अभी त...
 पोस्ट लेवल : गुलाम अली
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
187
(इस पोस्ट को पढ़ने से पहले इसका पूर्वार्द्ध जानना आवश्यक है। यदि आप पिछली पोस्ट न पढ़ पाये हों तो यहाँ चटका लगाएं...।) अब आगे...  जुलाई की ऊमस भरी गर्मी...। मैं अपने ऑफिस में बैठा कूलर की घर्र-घर्र के बीच चिपचिपे पसीने पर कुढ़ता हुआ सरकारी फाइलों और देयकों (bi...
sangeeta swarup
201
ज्यों आतप सेभूतल झुलसा हो जलधर को वो निहार रहा हो ऐसे ही ये ह्रदय दग्ध है नेह के बादल को पुकार रहा हो।रेतीली सी है ये ज़िन्दगी मरीचिका सी दिखती है दूर दृष्टि से दिखे सरोवर निकट पहुँच बस रेत ही तपती है।छू कर तुम मत मुझे देखना हाथ तुम्हारे जल जायेंगे अंगारा सी बनी हु...
संजीव तिवारी
78
छत्‍तीसगढ में संचालित कांउटर टेररिज्‍म एण्‍ड जंगल वॉरफेयर कालेज, कांकेर के डायरेक्‍टर ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) बसंत कुमार पोनवार का विगत दिनों बिजनेस स्‍टैंडर्ड में एक साक्षात्कार प्रकाशित हुआ है। जिसमें उन्‍होंनें कहा है कि नक्‍सलियों को खत्‍म करने और और उनके नेटवर्...
 पोस्ट लेवल : Naxal समसामयिक लेख