ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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       जिस कोरोना कालखंड में फिलहाल हम जीवित हैं इसमें पिछले 4-6 महिने में समूचे विश्व में लाखों की संख्या में जो लोग अचानक काल-कवलित हो गये हैं इनमें बडा वर्ग धन-सम्पन्नता से परिपूर्ण श्रेष्ठीवर्ग का रहा है । ये श्रेष्ठीवर जो लाखों करोडों रु. क...
Basudeo Agarwal
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बह्र:- 22  22  22  22  22  2खुशियों ने जब साथ निभाना छोड़ दिया,हमने भी अपने को तन्हा छोड़ दिया।झेल गरीबी को हँस जीना सीखे तो,गर्दिश ने भी साथ हमारा छोड़ दिया।हमें पराई लगती ये दुनिया जैसे,ग़ुरबत में अपनों ने पल्ला छोड़ दिया।थोड़ी आज मुसीबत सर पे...
Basudeo Agarwal
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बह्र:- 2212*4देते हमें जो ज्ञान का भंडार वे गुरु हैं सभी,दुविधाओं का सर से हरें जो भार वे गुरु हैं सभी।हम आ के भवसागर में हैं असहाय बिन पतवार के,जो मन की आँखें खोल कर दें पार वे गुरु हैं सभी।ये सृष्टि क्या है, जन्म क्या है, प्रश्न सारे मौन हैं,जो इन रहस्यों से करें...
Basudeo Agarwal
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221   2121   1221   2121/212माहोल ने बिगाड़ रखा आचरन तमाम,सारा जहाँ दिखा है रहा खोटपन तमाम।मेरा कसूर मैंने महब्बत की बारबार,उनसे सदा ही ग़म मिले पर आदतन तमाम।नादान दिल न जान सका आपकी अदा,घायल किया दिखा के इसे बाँकपन तमाम।कातिल अदा दिखाई...
Nitu  Thakur
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नवगीतजानें कितनी बली गईनीतू ठाकुर 'विदुषी' मापनीस्थाई पूरक पंक्ति ~~ 16/14 अन्तरा ~~ 16/16कहर प्रकृति का फिर जब टूटाजानें कितनी बली गईलगे विधाता फिर भी रूठाखुशियाँ जग से चली गई।।बंजर धरती किसे पुकारेसूखी खेतों की हरियालीभ्रमर हो गए सन्यासी सबआज कली को तरस...
ज्योति  देहलीवाल
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दोस्तों, जैसे ही सावन का महीना आता है, सोशल मीडिया पर शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का समर्थन करनेवाली और विरोध करनेवाली पोस्ट्स छाने लगती है। धार्मिक लोग शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का समर्थन करते है, तो तर्कशील लोगों का कहना होता है कि हजारों लीटर दूध व्यर्थ बहाने की बजाय उतना द...
Yashoda Agrawal
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वो अर्द्धांगिनी हैं तुम्हारी...अपनी अर्द्धांगिनी को प्यार से देखो ..उसकी आंखों में झांको ....।हज़ारों अनकही बातें, हज़ारों रुलाते रातेंप्रेम और अभिमान में भरा...आँखे बिछाकर ,सारे सपनों को दिल में छूपातीधैर्य और संयम से इंतजार करती, तेरी संगिनी , अर्द्धांगिनी।।...
 पोस्ट लेवल : मितु घोष
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--सैन्य शक्ति से देश की, बैरी है हैरान।सरहद पर मुस्तैद हैं, अपने वीर जवान।।--सेनाओं को दे दिये, अब उन्नत हथियार।सीमाओं पर फौज को, हैं सारे अधिकार।।--भारत का बल देखकर, परेशान है चीन।अब अपने भूभाग को, लेगा भारत छीन।।--ड्रैगन की हर चाल को, समझ रही सरक...
 पोस्ट लेवल : दोहे सरहद पर मुस्तैद
kumarendra singh sengar
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बच्चों के लिए जुलाई का आना पिछले वर्ष तक उत्साह का समय होता था. इस वर्ष गर्मियों की छुट्टियाँ आईं भीं और चली भी गईं मगर छुट्टियों जैसा माहौल न बना सकीं. इन गर्मियों में सभी अपनी-अपनी जगह कैद होकर रहे. न कोई कहीं घूमने जा सका, न बच्चे लोग अपनी दादी-नानी के घर जा सके...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) हमारे एक सहकर्मी रहे पद्मा शंकर पांडे जब  होटल मुगल , आगरा जाब करने आए तो डी एम आवास मे रहते थे। जिलाधिकारी श्री विनोद दीक्षित उनके बड़े भाई...