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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इमाम हुसैन (अ) की शहादत: हज़रत अली असग़र की शहादत के बाद अल्लाह का एक पाक बंदा, पैग़म्बरे इस्लाम (स) का चहीता नवासा, हज़रत अली का शेर दिल बेटा, जनाबे फातिमा की गोद का पाला और हज़रत हसन के बाज़ू की ताक़त यानी...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 1. इमाम अली (अ.स.)जो शख्स भी कोई चीज़ अपने दिल मे छुपाने की कोशिश करता है तो उसके दिल की बात उसकी जबानी ग़लतीयो और चेहरे से मालूम हो जाती है।(नहजुल बलाग़ा, हदीस न. 25)   رسول اكرم صلى الله عليه و آ...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); رسول اكرم صلى الله عليه و آله لا تَزالُ اُمَّتى بِخَيرٍ ما تَحابّوا وَ اَقامُوا الصَّلاةَ و َآتَوُا الزَكاةَ و َقَروا الضَّيفَ... ؛1.    रसूले अकरम (स.अ.व.व)हमेशा मेरे उम्मती खैरो बरकत को देखे...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ये बात २० रजब सन ६० हिजरी की है जब मुआव्विया की मृत्यु हो गयी और यज़ीद  ने खुद को मुसलमानो  का  खलीफा घोषित कर दिया ।इमाम हुसैन (अ.स ) हज़रत मुहम्मद (स.अ व ) के नवासे थे और यह कैसे संभव था कि वो यज़ीद...
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विलायत पोर्टल : घर में सन्नाटा छाया हुआ था और शौहर बाहर गए हुए थे, वह तन्हा थी और अपने हुजरे में बंद अपने रब से मुलाक़ात के लिए ख़ुद को तैयार कर रही थी, और अपने मालिक की तसबीह और तहलील में मसरूफ़ थी, उसके दिमाग़ में बीते हुए सारे हादसे एक के बाद एक आते जा रहे थे।उस...
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एस एम् मासूम ने दाख्खिन पट्टी रन्नो में मजलिस में कहा दुनिया का हर इंसान हमारा भाई है यही है इस्लाम का पैगाम |  माह ऐ मुहर्रम आते ही दुनिया भर के मुसलमान पैगम्बर ऐ इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.अ व ) के  नवासे हुसैन को याद करके आंसू बनाते हैं | यह...
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शब् ऐ शहादत मौला अली (अ स ) २१ रमज़ान आशूरा से काम नहीं इसलिए इसे ऐसे मनाओ की दुनिया पूछे आज किसका ग़म है | हज़रत अली  (अ स ) से हज़रत मुहम्मद (स) ने कहा ऐ  अली तुम्हे ज़रबत लगेगी ज़हर बुझी जिस से तुम्ह शहीद होंगे तो क्या उस वक़्त तुम सब करोगे |मौला अली (अ स ) न...
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इस लेख की सनद नहजुल बलाग़ा का 31 वा पत्र है। सैयद रज़ी के कथन के अनुसार सिफ़्फ़ीन से वापसी पर हाज़रीन नाम की जगह पर आप ने यह पत्र अपने पुत्र इमाम हसन (अ) को लिखा है। हज़रत अली (अ) ने इस पत्र के ज़रिये से जो ज़ाहिर में तो इमाम हसन (अ) के लिये है, मगर वास्तव में सत्य...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 1.    रसूले अकरम (स.अ.व.व)हमेशा मेरे उम्मती खैरो बरकत को देखेंगे जब तक की एक दूसरे से मौहब्बत करते रहे, नमाज पढ़ते रहे, जकात देते रहे और मेहमान की इज़्ज़त करते रहे।(अमाली शेख तूसी पेज न. 647 हदीस न...
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 1. इमाम अली (अ.स.)जो शख्स भी कोई चीज़ अपने दिल मे छुपाने की कोशिश करता है तो उसके दिल की बात उसकी जबानी ग़लतीयो और चेहरे से मालूम हो जाती है।(नहजुल बलाग़ा, हदीस न. 25)    رسول اكرم صلى الله عل...
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