नाटक एक ऐसा माध्यम है जिसका दर्शक अभिन्न आंतरिक अंग है. अन्य कला के भावकों की तरह, या साहित्य के पाठक की तरह वह बाहरी नहीं है. नाट्य प्रस्तुति को संभव करने में नाटककार, अभिनेता, निर्देशक, पार्श्वकर्मी के साथ दर्शक भी जरूरी है. कहा भी जाता है कि एक अभिनेता और ए...
 पोस्ट लेवल : सहृदय Audience दर्शक