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Vidyut Maurya
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मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन से उतर कर वाराणसी कैंट पहुंच गया हूं। मेरी अगली ट्रेन तीन घंटे बाद है तो क्यों ने एक बार फिर सारनाथ घूम लिया जाए। आटो रिक्शा में बैठकर सारनाथ चल पडा। चौकाघाट के बाद वरुणा नदी का पुल पार करके हुकुलगंज फिर आशापुर चौराहा पहुंचा। हमारे आटो वाले य...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA UTTAR PRADESH
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दक्षिणी दिल्ली में सम्राट अशोक का एक शिलालेख स्थित है। इस लघु शिलालेख पर लिखे शब्दों का मौर्यकालीन इतिहास में काफी महत्व है। दिल्ली के लोग भले ही इस शिलालेख के बारे में ज्यादा नहीं जानते हों पर दुनिया भर के बौद्ध देशों के लोग हर साल इस शिलालेख को देखने के लिए पहुंच...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA DELHI
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कुशीनगर में महापरिर्वाण स्थल के आसपास कई देशों के बौद्ध मंदिर है। इनमें चीन और म्यांमार के मंदिर प्रमुख हैं। यहां पर बिरला परिवार द्वारा बनवाया गया एक सुंदर मंदिर भी है। माथा कौर मंदिर – महापरिनिर्वाण स्थल से थोड़ा आगे जाने पर माथा कौर मंदिर स्थित है। इस...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA UTTAR PRADESH
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कुशीनगर तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है। यह गोरखपुर के पास उत्तर प्रदेश का एक जिला है। इसकी सीमा गोरखपुर, देवरिया, नेपाल और बिहार से लगती है। बौद्ध ग्रंथों में इस स्थल का नाम कुशीनारा भी मिलता है।कहा जाता है कि त्रेता युग में भगवान राम के दो पुत्र लव कुश थे उ...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA UTTAR PRADESH
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गोरखपुर से मैं कुशीनगर जाना चाहता हूं। सुबह तथागत बुद्ध के जन्मस्थान लुंबिनी से चला हूं और दोपहर तक उनके महापरिनिर्वाण स्थल तक पहुंच जाना चाहता हूं। गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सामने वाली सड़क दो सौ मीटर की दूरी पर ही बस स्टैंड है। हल्की बारिश में भिंगता हुआ मैं बस स्ट...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA UTTAR PRADESH
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लुंबिनी में माया देवी का मंदिर और भगवान बुद्ध की जन्मस्थली देखकर वापस लौट रहा हूं। मन में अदभुत शांति और संतोष की अनुभूति है। पर आपको पता है सातवीं सदी तक प्रमुख स्थल रहा लुंबिनी बाद में लोगों की नजरों से ओझल हो गया था। लुंबिनी की खोज 1898 में डाक्टर एलाएस एनंटन फु...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA NEPAL
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दुनिया भर से लोग आएंगे - शाक्यमुनि गौतम बुद्ध ने कहा था, हे आनंद, जब मैं नहीं रहूंगा। मेरे साथ आस्था रखने वाले लोग विश्वास, उत्सुकता और भक्तिभाव के साथ यहां आएंगे। लुंबिनी वह स्थल जहां मेरा जन्म हुआ, आध्यात्मिक भाव और शांति का अन्यतम स्थल बनेगा। यह उस समय का स...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA NEPAL
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शाम के छह बजे हैं और मैं एक बार होटल से निकल कर अपनी साइकिल लेकर माया देवी मंदिर की ओर चल पड़ा हूं। इस मंदिर का प्रवेश गेट नंबर 4 से है। गेट से करीब एक किलोमीटर अंदर जाने के बाद हरे भरे विशाल परिसर में मायादेवी का मंदिर है। काफी लोग मंदिर की ओर पैदल भी जा रहे हैं।...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA WORLD HERITAGE SITE NEPAL
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लुंबिनी में अलग अलग देशों के बौद्ध मठ मंदिर वन क्षेत्र के बीच में बने नहर के पूर्व और पश्चिमी किनारे पर बने हैं। अब मैं नहर के पश्चिमी तट पर बने मंदिरों को देखने निकल पड़ा हूं। पर इस भीषण गर्मी में बार बार पानी और जूस का सहारा लेना पड़ रहा है, ताकि कड़ी धूम में साइ...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA NEPAL
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लुंबिनी वन क्षेत्र में मैं साइकिल से गेट नंबर 4 से प्रवेश कर गया हूं। दोनों तरफ हरे भरे जंगल हैं। साल के लंबे वृक्ष के बीच से गुजरते हुए जून के महीने में भीषण गर्मी के बीच राहत का एहसास हो रहा है। आगे नन्ही सी नदी तलार का पुल आया। लुंबिनी के इस वन क्षेत्र में कई पक...
 पोस्ट लेवल : BUDDHA NEPAL