बाएं से: डॉ0 जाकिर अली रजनीश, डॉ0 सुधाकर अदीब, श्रीमती उषा सक्‍सेना, डॉ0 हेमंत कुमारआजकल के बच्‍चे समझदार ही नहीं होशियार भी हैं। वे न सिर्फ समय की नब्‍ज को पहचानते हैं, बल्कि उसके अनुसार निर्णय लेने के लिए भी तत्‍पर रहते हैं। इसकी ताजा मिसाल मिली दिनांक 27 सितम्‍ब...