ब्लॉगसेतु

समीर लाल
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भारत की आबादी को अगर आप त्रिवेणी पुकारना चाहते हैं, तो इत्मिनान से पुकार लिजिये. आपके पास तो अपने त्रिवेणी कहने का आधार भी होगा वरना तो लोग कुछ भी जैसे अंध भक्त, भक्त, देश द्रोही, गद्दार, पप्पू, गप्पू आदि जाने क्या क्या पुकारे चले जा रहे हैं, कोई कहाँ कुछ पूछ पा रह...
Harsh Wardhan  Jog
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In August 2017 a bill called Financial Resolution & Deposit Insurance( FRDI ) Bill 2017 was introduced by Finance Minister in Lok Sabha. This Bill inter-alia had provision for 'Bail-in' of failing banks. This Bail-in is opposite of Bail-out. In Bail-o...
 पोस्ट लेवल : Sketches around Banking
समीर लाल
77
काश!! आशा पर आकाश के बदले देश टिका होता!! वैसे सही मायने में, टिका तो आशा पर ही है.जिन्दगी की दृष्टावलि उतनी हसीन नहीं होती जितनी फिल्मों में दिखती है. इसमें बैकग्राऊंड म्यूजिक म्यूट होता है, वरना तो जाने कब के गाँव जाकर बस गये होते. मुल्ला मचान पर बैठे, खेतों में...
Krishna Kumar Yadav
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यदि आप सुदूर क्षेत्र में रह रहे हैं, जहाँ पर बैंक की शाखा या एटीएम सुविधा नहीं है तो अब आपको पैसे निकालने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। शहरों में भी बैंक या एटीएम की लाईन में लगने की बजाय अब आप घर बैठे अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से अपने बैंक खाते से पैसे...
समीर लाल
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यूँ तो गुजरता जाता है हर लम्हा इक बरस,दिल न जाने क्यूँ दिसम्बर की राह तकता है..तिवारी जी आदतन अक्टूबर खतम होते होते एक उदासीन और बैरागी प्राणी से हो जाते हैं. किसी भी कार्य में कोई उत्साह नहीं. कहते हैं कि अब ये साल तो खत्म होने को है, अब क्या होना जाना है. अब अगले...
Khushdeep Sehgal
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‘हम देखेंगे’ नज़्म क्या वाकई हिन्दू विरोधी या इससे डर की वजह कुछ और?फ़ैज़ अहमद फ़ैज- फोटो आभार: विकीमीडिया फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म ‘’व-यबक़ा-वज्ह-ओ-रब्बिक (हम देखेंगे)” में बुत हटाने के मायने क्या वाकई हिन्दू धर्म और उसे मानने वालों के ख़िलाफ़ थे? क्या इंडियन...
Krishna Kumar Yadav
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डाक विभाग ने डिजिटल टेक्नालाजी के साथ अपने को अपडेट करते हुये कस्टमर-फ्रेंडली (Customer Friendly Services in Post Offices) सेवाओं का दायरा बढ़ाया है। शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक डाक सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। उक्त उद्गार लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदे...
समीर लाल
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कल ही पोता लौटा है दिल्ली से घूम कर. अपने कुछ दोस्तों के साथ गया था दो दिन के लिए.सुना उपर अपने कमरे में बैठा है अनशन पर कि यदि मोटर साईकिल खरीद कर न दी गई तो खाना नहीं खायेगा. जब तक मोटर साईकिल लाने का पक्का वादा नहीं हो जाता, अनशन जारी रहेगा.माँ समझा कर थक गई कि...
Krishna Kumar Yadav
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यदि आप सुदूर क्षेत्र में रह रहे हैं, जहाँ पर बैंक की शाखा या एटीएम सुविधा नहीं है तो अब आपको पैसे निकालने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। शहरों में भी बैंक या एटीएम की लाईन में लगने की बजाय अब आप घर बैठे अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से अपने बैंक खाते से पैसे...
समीर लाल
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अगर आपके पास घोड़ा है तो जाहिर सी बात है चाबुक तो होगी ही. अब वो चाबुक हैसियत के मुताबिक बाजार से खरीदी गई हो या पतली सी लकड़ी के सामने सूत की डोरी बाँधकर घर में बनाई गई हो या पेड़ की डंगाल तोड़ कर पत्तियाँ हटाकर यूँ ही बना ली गई हो. भले ही किसी भी तरह से हासिल की गई ह...