भीष्म साहनी, अकथ्य संवेदना का स्वामी लेखक। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); वाङ्चू  — भीष्म साहनीछप्पर के नीचे लेटा तो उसे सहसा ही भारत की याद सताने लगी। उसे सारनाथ की अपनी कोठरी याद आई जिसमें दिन-भर बैठा पोथी बांचा करता था। नी...