ब्लॉगसेतु

Khushdeep Sehgal
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गुरुवार को ऑफिस में व्यस्त था...मोबाइल ऑफिस में मैं साइलेंट पर रखता हूं लेकिन आंखों के सामने ही रखता हूं ताकि पता चल जाए कि किसका है...वाइब्रेशन हुआ तो मोबाइल पर नज़र गई...महफूज़ अली का नाम फ्लैश हो रहा था...बात की तो दूसरी तरफ़ से हक़ वाले आदेश की आवाज़ आई...”भईया...
अविनाश वाचस्पति
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हमारे हाथ में इंटरनेट पर हिंदी रूपी ऐसी तलवार है जिससे हम बहुत कुछ कर सकते हैं लेकिन वास्तव में हम उससे घास ही खोद रहे हैं। उक्त बात ब्लॉगर  मिलन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यमुनानगर की प्रवासी साहित्यकार डॉ. कविता वाचक्नवी ने कही। यमुनानगर में संपन्न हुए ब्...