ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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वामपंथी बायीं तरफ़ जाएं।दक्षिणपंथी दायीं तरफ़ जाएं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-9126168104576814", enable_page_level_ads: true...
Sanjay  Grover
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लघुकथावह हमारे घरों, दुकानों, दिलों और दिमाग़ों में छुपी बैठी थी और हम उसे जंतर-मंतर और रामलीला ग्राउंड में ढूंढ रहे थे।-संजय ग्रोवर05-02-2017
Sanjay  Grover
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लघुकथा/व्यंग्यमुझे उससे बात करनी थी।‘मेरे पास आज जो कुछ भी है सब ईश्वर का दिया है’, वह बोला।‘जो करता है ईश्वर ही करता है, उसकी मर्ज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता’, वह फिर बोला।‘आप मेरे पास बात करने आए, ईश्वर की बड़ी मेहरबानी है’, एक बार फिर उसने किसी ईश्वर के प्रति अ...
दिनेशराय द्विवेदी
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कोई पैंतीस बरस हुए, बुआ की पुत्री के विवाह में जाते हुए रास्ते में दुर्घटना हुई और पिताजी के दाहिने हाथ की कोहनी में गंभीर चोट लगी। रेडियस अस्थि का हेड अलग हो गया। हड्डी की किरचें मांस में घुस गईं। जिन्हें निकालने के लिए कुछ ही दिनों के अन्तराल से कुछ आपरेशन्स...