ब्लॉगसेतु

मनीष कुमार
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पंडाल परिक्रमा की अंतिम कड़ी में आपको दिखाते हैं राँची के अन्य उल्लेखनीय पंडालों की झलकियाँ। रेलवे स्टेशन, रातू रोड, ओसीसी व बकरी बाजार के बाद जिन  पंडालों  ने ध्यान खींचे वो थे बाँधगाड़ी, काँटाटोली व हरमू के पंडाल।बाँधगाड़ी में दुर्गा जी के आसपास...
मनीष कुमार
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राँची के सबसे नामी पंडालों में बकरी बाजार अग्रणी हैं। सामान्यतः यहाँ के पंडाल अपनी विशालता और वैभव के लिए ज्यादा और महीन कलाकारी के लिए कम जाने जाते हैं। इस बार यहाँ सतरंगा पंडाल सजा जिसकी थीम थी बढ़ती जनसंख्या के बीच आम जनों का संघर्ष ! रंगों से भरे पंडाल में अपनी...
मनीष कुमार
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बांग्ला स्कूल का पंडाल राँची के अन्य बड़े पंडालों जितना प्रसिद्ध भले ना हो पर यहाँ कलाप्रेमी अक्सर कुछ अलग सा देखने के लिए जाते जरूर हैं। इस बार वहाँ पुतलों की दुनिया सजी थी।  पंडाल की दीवारें सिंदूरी रंग में सजी थीं। दीवारों के गोल नमूनों को बीचों बीच बल्ब से...
मनीष कुमार
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दुर्गा पूजा पंडाल परिक्रमा में आज बारी है रातू रोड के पंडाल की जहाँ सड़क के किनारे एक विशाल रथ के अंदर माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गयी है।  रातू रोड का पंडाल राँची के सबसे पुराने पंडालों में से एक है। ये वही इलाका है जहाँ यहाँ के प्राचीन नागवंशी राजवंश के...
मनीष कुमार
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राँची में दुर्गा पूजा की धूमधाम शुरु हो गयी है। षष्ठी और सप्तमी को राँची के पंडालों को देखने के बाद मैं आपके सामने ला रहा हूँ इस साल के चार शानदार पंडालों की झलकियाँ। शुरुआत राँची रेलवे स्टेशन के पंडाल से जो विगत कुछ वर्षों से अपनी कलात्मकता के लिए जाना जाता रहा है...
मनीष कुमार
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राँची के तीन सबसे सुंदर पंडालों को दिखाने के बाद पंडाल परिक्रमा की इस आख़िरी कड़ी में आज बारी है बकरी बाजार और शेष उल्लेखनीय पंडालों की। राँची के सबसे बड़े पंडाल होने का गौरव बकरी बाजार के पंडाल को प्राप्त है। हालांकि मैंने अक्सर देखा है कि यहाँ पंडाल बाहर से  जितना...
मनीष कुमार
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ज़रा सोचिए कि अचानक रातों रात आपको स्वप्न लोक में पहुँचा दिया जाए तो वो दुनिया कैसी होगी? आपका जायज़ सा सवाल होगा कि मैं तो यहाँ आपके साथ दुर्गा पूजा के इस पंडाल की झलक लेने आया था। आप मुझे स्वप्न लोक में क्यूँ ले जा रहे हैं। अब क्या बताएँ जब माँ का मंडप ही स्वप्न...
मनीष कुमार
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इक ज़माना था जब राँची की दुर्गा पूजा का मतलब था बकरी बाजार, रातू रोड, राजस्थान मित्र मंडल, कोकर और सत्य अमर लोक के पंडालों का विचरण करना। पिछले पाँच सालों में ये स्थिति बदली है। राँची रेलवे स्टेशन, बांग्ला स्कूल और बाँधगाड़ी के पंडाल हर साल कुछ अलग करने के लिए जाने...
मनीष कुमार
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पिछले तीन दिनों में राँची के डेढ़ से दो दर्जन मुख्य पंडालों से गुजरना हुआ। हर साल मैं आपको अपने पसंदीदा पंडालों के बारे में उनकी सचित्र झाँकी के साथ बताता रहा हूँ। इस बार शहर के सबसे सुंदर और कलात्मक पंडाल का तमगा मुझे रातू रोड के इस पंडाल को पहनाते हुए कोई झिझक नही...
मनीष कुमार
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अक्टूबर आने के साथ ही राँची में उत्सव का माहौल शुरु हो जाता है। शहर में दुर्गा पूजा की धूम षष्ठी से ही शुरु हो गयी है। इस बार पहले से ही आ गई ठंड से लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। कल रात पाँच घंटे राँची की सड़कों पर घूमते हुए लगा कि सारा शहर सज धज के इस आनं...