ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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कृष्णा सोबती जी के प्रिय उपन्यास 'मित्रो मरजानी' का यह अंश यह कहते हुए कि वह पितृसत्ता भी ख़तरनाक हो सकती है जिसके केंन्द्र में मातृ-शक्ति हो'... शब्दांकन संपादकमित्रो मरजानी कृष्णा सोबतीउपन्यास अंशनई उठ घड़ी-भर को बाहर गई। लौटकर सास से कहा — अन्दर मँझली क...
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An Era of Darkness प्रजातन्त्र से परिचित कराने का ब्रिटिश दावा Dr Shashi TharoorPart I   Part II   Part IIICan Englishmen murder Indians?Dr Shashi Tharoor — An Era of Darkness — Book ExcerptsFor English, Click here.क्या अंग्र...
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An Era of Darkness प्रजातन्त्र से परिचित कराने का ब्रिटिश दावा Dr Shashi TharoorPart 1Part IIDr Shashi Tharoor — An Era of Darkness — Book ExcerptsWe must have a system of government whose leaders can focus on governance rather than on staying i...
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An Era of Darkness प्रजातन्त्र से परिचित कराने का ब्रिटिश दावा Dr Shashi TharoorPart 1डॉ शशि थरूर की अवश्य पढ़ी जाने वाली किताब 'An Era of Darkness/अन्धकार काल' के अंश, एक ज़रूरी अध्याय 'प्रजातन्त्र, प्रेस, संसदीय प्रणाली एवं विधि सम्मत नियम' / De...
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डॉ शशि थरूर की अवश्य पढ़ी जाने वाली किताब 'An Era of Darkness/अन्धकार काल' के अंश, एक ज़रूरी अध्याय 'प्रजातन्त्र, प्रेस, संसदीय प्रणाली एवं विधि सम्मत नियम' / Democracy, The Press, The Parliamentary System' की श्रृंखला English और हिंदी में, आप शब्दांकन पाठकों के...
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Hindi Novel Raag Darbari Excerptमेला चले रुप्पन बाबू, रंगनाथ, सनीचर और जोगनाथ कार्तिक-पूर्णिमा को शिवपालगंज से लगभग पाँच मील की दूरी पर एक मेला लगता है। वहाँ जंगल है, एक टीला है, उस पर देवी का एक मन्दिर है और चारों ओर बिखरी हुई किसी पुरानी इमारत की ईंटें हैं।...
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हिंदी, प्रेम उपन्यास — बेदावा: एक प्रेम कथा — तरुण भटनागर उपन्यास अंश (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ‘ अच्छा छोड़ो...कुछ और बताओ...कहाँ रहे इतने दिनों... क्या किया...?’तरुण भटनागर‘ नहीं बता सकता...।’‘ क्यों...?’‘ आज तुम्हें सुनना है...।...
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'आईना साज़' — अनामिका — उपन्यास अंशज़रूरी है कि दुनिया की सारी ज़ुबानों के शब्द मुल्कों और मज़हबों के बीच की सरहदें मिटाते हुए सूफ़ी जत्थों की तरह आपस में दुआ-सलाम करते दिखाई दें। आसमान में सात चाँद एक साथ ही मुस्कुराएँ।अनामिका दीदी, जिस-जिस क्षेत्र में हैं इंसान क...
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उपन्यास अंश: इश्क़ फरामोश ― प्रितपाल कौर  प्रितपाल हिंदी में लिखती रहती हैं। इश्क़ फरामोश उनके जल्द बुकस्टाल पर आ रहे उपन्यास का शीर्षक है। बेहिचक कह देने वाली लेखिका के चौथे उपन्यास (एक अंग्रेजी) का यह अंश उपन्यास को पूरा पढ़ने की जिज्ञासा पैदा कर सकता...
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उपन्यास कैसे लिखें? ऐसे — पढ़िए: उमा शंकर चौधरी के उपन्यास 'अंधेरा कोना' के अंश ... पता नहीं, लेकिन हो सकता है कि आपने भी कभी मेरी तरह यह सोचा हो कि कोई कथाकार आपका प्रिय लेखक क्यों हो जाता है। उमा शंकर को जितनी दफ़ा पढ़ता हूँ बस यही लगता रहता है उससे अधिक सच किसी और...