ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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डॉ शशि थरूर की अवश्य पढ़ी जाने वाली किताब 'An Era of Darkness/अन्धकार काल' के अंश, एक ज़रूरी अध्याय 'प्रजातन्त्र, प्रेस, संसदीय प्रणाली एवं विधि सम्मत नियम' / Democracy, The Press, The Parliamentary System' की श्रृंखला English और हिंदी में, आप शब्दांकन पाठकों के...
Bharat Tiwari
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Hindi Story 'Shatranj ke Khiladi' — Munshi Premchandमुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानीशतरंज के खिलाड़ीवाज़िदअली शाह का समय था। लखनऊ विलासिता के रंग में डूबा हुआ था। छोटे-बड़े, गरीब-अमीर— सभी विलासिता में डूबे हुए थे। कोई नृत्य और गान की मज़लिस सजाता था, तो कोई अफीम की...
S.M. MAsoom
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); एक जाना पहचाना और बहुत ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला लफ़्ज़ (शब्द) है। कुर्आन में यह लफ़्ज़ noun और verb दोनों सूरतों में पचासों जगह पर आया है। यह लफ़्ज़ लगभग उतनी ही बार इस्तेमाल हुआ है जितनी बार मसलन ईमान या अमल क...
 पोस्ट लेवल : Education FEATURED religion
S.M. MAsoom
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 पोस्ट लेवल : Featured कोरोना वायरस
S.M. MAsoom
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At National Conference of Association of Physicians of India Agra ,awarded the prestigious Fellowship of Indian College of Physicians ,Dec 2019
 पोस्ट लेवल : Featured
S.M. MAsoom
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In the annual conference of Research Society for Study of Diabetes in India, awarded prestigious Diabetes Care Excellence Award
 पोस्ट लेवल : Featured
S.M. MAsoom
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मुझे याद आ गया ३०-३२ साल पुराना वो दिन जब मैं मुंबई में नया नया था , इलाकों के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी | बस एक दिन बैंक से निकला और मुंबई के कमाठीपुरा के पीला हाउस वाली सड़क में चल पड़ा इरादा था की मुंबई सेंट्रल की तरफ जा के देखा जाय कैसा इलाका है | उस...
S.M. MAsoom
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); यदि आपको यह मालूम हो चूका है की अगर आप सावधान न रहे तो आपको ऐसी बीमारी लग सकती है जो जानलेवा है और फिर भी  सावधानी नहीं बरत रहे तो यह खुद खुशी कहलाएगी | हाँ आपने सावधानी बरती फिर भी लग जाय तो मसला अलग है और...
 पोस्ट लेवल : suicide features FEATURED khudqushi latest editorial
Bharat Tiwari
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ममता कालिया की कहानी 'पीठ'बेवजह शक बेवजह कुंठाग्रस्त करता है (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ममता कालिया जी को हिंदी कथाप्रेमी यों ही नहीं हाथों-हाथ लिए रहता। उनकी यह कहानी 'पीठ' साहित्य लेखन के दर्पण-सी है। उन्होंने ...
Bharat Tiwari
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प्रतियोगिता का दबाव और कहानीतो परियां कहां रहेंगी— आकांक्षा पारे काशिव (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 100% पढ़ी जाने वाली और 101% तसल्ली बख्श कथा है आकांक्षा पारे काशिव की 'तो परियां कहां रहेंगी'। ज़िन्दगी की वह जंग जो एक सन्तान प्रतियोग...