ब्लॉगसेतु

MediaLink Ravinder
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ग़ालिब साहिब की ग़ज़ल पर आधारित यह गीत सीधा दिल में उतरता है दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है?आख़िर इस दर्द की दवा क्या है?मैं इसे बचपन की उस उम्र से सुनता आ रहा हूँ जब मुझे न तो उर्दू की समझ थी  की। मेरे मामा ज्ञानी राजिंदर सिंह छाबड़ा (फ़िरोज़पुर) उन दि...
 पोस्ट लेवल : Mirza Ghalib Film Music History Urdu Poetry YouTube
Vidyut Maurya
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प्रेम नाम है मेरा - प्रेम चोपड़ा, वैसे तो ये बड़ा चर्चित डॉयलाग है। पर हिंदी फिल्मों के मशहूर खलनायक प्रेम चोपड़ा की संस्मरणात्मक आत्मकथा की पुस्तक इसी नाम से हिंदी में प्रकाशित हुई है। प्रेम चोपड़ा अब 84 साल के हो चुके हैं। हिंदी से लेकर हॉलीवुड तक 400 फ...
 पोस्ट लेवल : FILMS
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : News Feed Filmi
Akhilesh Karn
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गायिका : शमशाद बेगमफिल्म: तकदीर (1943)गीतकार: अशोक पीलीभीतसंगीतकार: रफीक गजनवी (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (दोस्तों इस गीत को यहां लाने का मुख्य कारण यह है कि इसी गाने से हिन्दी फिल्मों में भोजपुरी शब्दों का प्रयोग शुरू किया गया। यह प...
 पोस्ट लेवल : nargis film hindi motilal taqdeer bhojpuri 1943
MediaLink Ravinder
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प्रविष्टि तिथि: 23 NOV 2019 1:15PM by PIB Delhiतीन फिल्में इस विशेष श्रेणी में शामिल होंगीगोवा: 23 नवंबर 2019: (पत्र  सूचना कार्यालय के सक्रिय सहयोग से):: गोवा से आ रही हैं फिल्मोत्सव की खबरें और तस्वीरें। इस बार खुल कर हुई है उन फिल्मों की चर्चा जिन...
 पोस्ट लेवल : Film Festival IFFI-2019 Kartika Singh PIB Goa
Akhilesh Karn
255
फिल्म:  धरतीपुत्रगायक:  इंदू सोनालीगीतकार:  बिनय बिहारीसंगीतकार: लाल सिन्हाम्यूजिक लेबल: टी सीरीज (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); केहू आई परदेशी हमसे प्यार करेलाओ हो हो होकेहू आई परदेशी हमसे प्यार करेलाकेहू आई परदेशी हमसे प्य...
 पोस्ट लेवल : dharti putra film bhojpuri Manoj Tiwari Mridul
संजीव तिवारी
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मन्नाडे का फिल्म संगीत और पार्श्व गायन के आँगन में आगमन ऐसे समय हुआ, जब यह विधा घुटनों के बल चलना सीख रही थी। डी.वी. पलुस्कर D.V.Paluskar, कृष्णचंद्र डे Krishna Chandra Dey तथा कुन्दन लाल सहगल Kundan Lal Sahagal की खरल में घुटी आवाज ग्रामोफोन रेकार्ड से निकल कर गली...
 पोस्ट लेवल : Filmi
संजीव तिवारी
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केदार शर्मा द्वारा निमित 'नेकी और बदी' (1949) में रोशन ने पहली बार संगीत दिया था। बावरे नैन' (1950) फिल्म के गाने बहुत ही लोकप्रिय हुए और तभी से लोग रोशन की प्रतिभा को मानने लगे। उन्होंने मुकेश, शमशाद, राजकुमारी और रफी की प्रतिभा का अच्छा उपयोग किया। मुकेश का गीत त...
 पोस्ट लेवल : Filmi
संजीव तिवारी
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गायिका शमशाद बेगम का गुरु और कोई न होकर एक ग्रामोफोन था। उसके भोंपू में से निकलती आवाज से चकित शमशाद ने गुनगुनाते हुए गाने का रियाज किया। स्कूल में उससे प्रार्थना गवाई जाती थी। उसकी सुरीली आवाज को मास्टर गुलाम हैदर (Mastar Gulam Haidar) ने सुना जैनाफीन रिकॉर्डिंग क...
 पोस्ट लेवल : Shamshad Begam Filmi
संजीव तिवारी
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किशोरकुमार की संगीत यात्रा कब से शुरू हुई, कोई नहीं जानता। किसी को याद है वह नौजवान जो इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में अपनी पढाई के दिनों में के. एल. सहगल के गीत गाकर समां बाँध दिया करता था, तो कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें उस बालक का भी स्मरण है जो स्कूल के जमाने में ...
 पोस्ट लेवल : Filmi Duniya Filmi Kishor Kumar