ब्लॉगसेतु

समीर लाल
79
अगर आपको यह लगता है कि बुद्धिजीवी बुद्धिमान होता है तो यह आपकी गलतफहमी हैं. बुद्धिजीवी और बुद्धिमानी का वो ही रिश्ता होता है जैसा कि जगमग रोशन ईमारतों का अपनी घुप्प अंधेरी नींव से होता है. बड़ी बड़ी बेवकूफियों की आधारशीला पर इन ऊँचे बुद्धिजीवियों के गुंबद खड़े है.मूलत...
समीर लाल
79
रेडियो पर गाना सुन रहे हैं कान में इयर फोन लगा कर:कहीं किसी रोज यूँ भी होताहमारी हालत तुम्हारी होतीजो रात हमने गुजारी मर केवो रात तुमने गुजारी होती!!कितनी गुलजार रात है आज रविवार की...बाहर बहुत कुड़कुड़ा देने वाली -१० ठंड है..सुनसान सड़क..बरफ की चादर ओढ़े हुए..घर के...
समीर लाल
79
आज सड़क के किनारे लगे नए विज्ञापन के बोर्ड को देखकर चौंक गया. फ्लैट १००० डॉलर + जीएसटी में डाइवोर्स और उस पर से विज्ञापन भी एकदम ज़िंदा- बोर्ड जिस तार से गाड़ा गया था वो हवा के थपेड़े न झेल पाया और एक टांग से उखड़ा टेड़ा टंगा था.सही मायने में देखा जाए तो तलाक भी तो इसी त...
समीर लाल
79
अच्छा हुआ शेक्सपियर मौका देख कर १६१६ में ही निकल लिए. अगर आज होते और भारत में रह रहे होते तो देशद्रोही ठहरा दिये गये होते और कुछ लोग उन्हें बोरिया बिस्तर बाँध कर पाकिस्तान जाने की सलाह दे रहे होते. ये भी कोई बात हुई कि कह दिया ’नाम में क्या रखा है, गर गुलाब को हम क...
समीर लाल
79
हम साल भर पाप करते ही इसलिए हैं ताकि सालाना गंगा स्नान में उन्हें धोकर गंगा माई हमको पुण्य प्रदान करे. पाप न करेंगे तो गंगा माई धोएगी क्या? पुण्य प्राप्त करना है तो पाप करो. यही हमारा सिध्द नियम है.वही हाल स्वर्ग पहुँचने का मार्ग दिखाने वाले बाबाओं के आश्रम का है....
Khushdeep Sehgal
43
17 अगस्त 2009 को शुरू हुए ‘देशनामा’ ने आज 8 साल 15 दिन में 1000 पोस्ट का सफ़र तय कर लिया है...इस मकाम तक पहुंचना आपके स्नेह और प्रोत्साहन के बिना संभव नहीं था...ये सच है कि ब्लॉगिंग को लेकर जो पहले जुनून था, वो अब नहीं रहा...ऐसा मेरे साथ ही नहीं करीब करीब...
Khushdeep Sehgal
43
#हिन्दी_ब्लॉगिंग के दूसरे संस्करण यानि #ब्लॉगिंग_2.0 का आगाज़ शानदार  रहा है...ब्लॉगिंग को दोबारा दमदार बनाने के इस यज्ञ में कोई भी ब्लॉगर अपनी आहुति देने से पीछे नहीं रहा...सवाल भी पूछे गए कि किसने तय कर दिया अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉग दिवस...किसने और क्यों च...
हर्षवर्धन त्रिपाठी
83
हिन्दुस्तान में आज जो कुछ भी होता है, उसकी बुनियाद सोशल मीडिया पर ही तैयार होती है। यहां तक कि खुद को मुख्य धारा कहने वाले, टीवी और अखबार, मीडिया संस्थान भी सोशल मीडिया से ही खबरों को ले रहे हैं, विस्तार दे रहे हैं। लेकिन, इस बात का अन्दाजा कितने लोगों को होगा कि इ...
Khushdeep Sehgal
43
आज जिस तरह का दौर है, उसमें कोई दूसरे की सुनने को तैयार नहीं है...राजनीति, धर्म, जाति से बंधी अपनी विचारधाराएं हैं, जिनमें आलोचना सुनने का किसी के पास संयम नहीं है...सब अपने मठाधीशों के पीछे हैं...मठाधीशों के अपने हित हैं, स्वार्थ है...ऐसे में इनसानियत, मेल-मोहब्बत...
Ravinder Punj
409
इस बार मेले में लगभग 12 लाख श्रद्घालुओं ने कपालमोचन (जिला यमुनानगर) के तीनों सरोवरों में स्नान किया और सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में पूजा अर्चना की एवं मत्था टेका। यह मेला हर वर्ष दीपावली के बाद लगता है और पांचवे दिन पूर्णिमा वाले दिन तक चलता है।मंदिरों, गुरूद्वार...